तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट आगरा ने रविवार को व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार (IPS) के निर्देशन में कमिश्नरेट के सभी थाना-चौकियों, पुलिस कार्यालयों, शाखाओं और पुलिस लाइन्स में एक साथ पौधारोपण किया गया। अभियान के तहत 17,800 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि फतेहाबाद स्थित पुलिस विभाग की नई भूमि पर 1,400 पौधों का वृहद रोपण किया गया।

पुलिस लाइन्स स्थित जमुना टावर परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन एस.के. भगत, डीआईजी शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस आयुक्त सचिन्द्र पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान छायादार, फलदार और पर्यावरण हितैषी प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस उपायुक्त नगर सय्यद अली अब्बास ने अपने बच्चों के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया। वहीं पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने पुलिस मॉर्डन स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के साथ पौधे लगाए। विद्यालय में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ विषय पर निबंध, वाद-विवाद, चित्रकला, पोस्टर निर्माण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

पुलिस आयुक्त ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, सुरक्षित पर्यावरण और स्वस्थ जीवन की सबसे अनमोल विरासत है।” उन्होंने प्रत्येक छात्र से अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कमिश्नरेट के नगर, पश्चिमी, पूर्वी और यातायात जोन के सभी पुलिस कार्यालयों, थाना-चौकियों और शाखाओं में भी वृहद स्तर पर पौधारोपण किया गया। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, पुलिस पेंशनर्स, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने निर्देश दिए कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि पौधे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को सफल बना सकें। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ लगाकर उसके संरक्षण को जीवनभर का सामाजिक दायित्व बनाएं।





