तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — अजेंद्र सिंह चौहान
आगरा। यमुना नदी में अचानक बाढ़ आने की स्थिति से निपटने और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए शनिवार को आगरा में शहरी बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। थाना सिकंदरा क्षेत्र के कैलाश मंदिर स्थित यमुना नदी तट पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में 01 प्लाटून फ्लड पीएसी के जवानों ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की रेस्क्यू प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल सीसी शैलेश शर्मा के नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण में कराई गई। इस दौरान बाढ़ जैसी आकस्मिक स्थिति में पुलिस, प्रशासन और फ्लड पीएसी के बीच समन्वय, उपलब्ध संसाधनों की तत्परता और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा गया। फ्लड पीएसी के जवानों ने जल क्षेत्र में संभावित आपदा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। इस दौरान जवानों ने आपदा की स्थिति में तेजी और सुरक्षित तरीके से बचाव कार्य संचालित करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

बाढ़ से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक
मॉक ड्रिल के दौरान यमुना तट पर मौजूद स्थानीय लोगों को भी बाढ़ और जल आपदा से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। लोगों को समझाया गया कि जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव या बाढ़ की स्थिति में नदी और जल क्षेत्र के नजदीक जाना जोखिम भरा हो सकता है। साथ ही लोगों से प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखा
मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ की आकस्मिक स्थिति में पुलिस-प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावित लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू, फ्लड पीएसी के संसाधनों और जवानों की तत्परता को परखना रहा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने का अभ्यास किया गया। इस दौरान आपदा विशेषज्ञ शिवम कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय लेखपाल प्रियंका यादव, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल के दौरान फ्लड पीएसी के जवानों ने अनुशासन और समन्वय के साथ अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन किया। यमुना तट पर हुए इस रेस्क्यू प्रदर्शन को देखने वाले लोगों ने फ्लड पीएसी की कार्यप्रणाली और तत्परता की सराहना की। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।





