तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन
वाराणसी। बनारस स्थित बीएचयू में अपने वक्तव्य के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान सामने आए कुछ व्यवहार और तस्वीरों पर चिंता व्यक्त की। वक्तव्य देते समय वह भावुक भी नजर आईं और उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरना और प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान मर्यादा, शालीनता और संस्कार बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उनके अनुसार, कुछ तस्वीरें और प्रदर्शन के दौरान देखने को मिला व्यवहार समाज के लिए चिंता का विषय है। बबीता चौहान ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को मेहनती छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इससे ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत और संघर्ष का सम्मान किया जाना चाहिए तथा ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को पूरी दुनिया में अपनी संस्कृति और मूल्यों के लिए सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को अच्छा इंसान बनने की सीख देते हैं, इसलिए युवाओं को अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने व्यवहार में संयम, मर्यादा और जिम्मेदारी बनाए रखें तथा भारतीय संस्कृति और संस्कारों को देश की सबसे बड़ी पहचान मानते हुए उनका संरक्षण करें।





