तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / फैजानउद्दीन
आगरा। ताजगंज क्षेत्र स्थित कोल्हाई निवासी मोहम्मद अली सूफी अंसारी मियां कियाकती के आवास पर हजरत लियाकत हुसैन शाह उर्फ मुन्ना मियां की फातिहा बड़े ही अदब और अकीदत के साथ आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुरीदीन, अकीदतमंदों और स्थानीय लोगों ने शिरकत की। बाद नमाज असर जिक्र-ए-वली अल्लाह किया गया, जबकि नमाज-ए-मगरिब के बाद फातिहा पढ़ी गई और इसके बाद लंगर तक्सीम किया गया। इस मौके पर सूफी अंसारी मियां ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वली अल्लाह से मोहब्बत करना ही इंसान की असली कामयाबी है। उन्होंने कहा कि रसूले खुदा ने फरमाया है कि “जो वली अल्लाह से मोहब्बत करता है, उससे मैं मोहब्बत करता हूं और जिससे मैं मोहब्बत करता हूं, उससे अल्लाह तबारक ताला मोहब्बत करता है।” उन्होंने कहा कि अल्लाह वालों की याद और उनकी तालीम इंसान को नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि यह महीना कुर्बानी और इबादत का महीना है। जिन लोगों को अल्लाह ने कुर्बानी करने की ताकत दी है, वह अल्लाह के नाम पर कुर्बानी करें और जो लोग सक्षम नहीं हैं, वह अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए अल्लाह की इबादत करें। अल्लाह तबारक ताला अपने बंदों की सच्ची तौबा और माफी को बेहद पसंद करता है। सूफी अंसारी मियां ने लोगों से आपसी भाईचारे और मोहब्बत को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि अगर परिवार या रिश्तों में किसी बात को लेकर नाराजगी है तो एक-दूसरे को माफ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्लाह उस इंसान से बेहद खुश होता है जो अपनी गलती का एहसास करके माफी मांग लेता है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के बाद गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों तक गोश्त जरूर पहुंचाना चाहिए, खासतौर पर उन परिवारों तक जहां कुर्बानी नहीं हो पाती। अपने पड़ोसियों और कमजोर लोगों का ख्याल रखना ही असली इंसानियत और दीन की शिक्षा है। कार्यक्रम का समापन दुआ और लंगर वितरण के साथ हुआ।





