तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों और डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी एसएस) के बीच हुए विवाद को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने पहली बार आधिकारिक रूप से अपना पक्ष रखा है। सीनियर डिवीजन कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस घटना की आड़ में कुछ लोग माहौल बिगाड़ने और रेल चक्का जाम कराने की साजिश रच रहे थे, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। राजमोहन पिचाई ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो पूरे घटनाक्रम को नहीं दर्शाता, बल्कि उसमें केवल मारपीट का हिस्सा दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज आरपीएफ के पास सुरक्षित है और हाई लेवल जांच पूरी होने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवाद की शुरुआत हीराकुंड एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री के ट्रेन से उतरने और उसके परिजनों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने के बाद हुई। इसी दौरान घटनाक्रम ने विवाद का रूप ले लिया। आरपीएफ कमांडेंट ने कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाले आरपीएफ जवानों को प्रथम दृष्टया तत्काल निलंबित कर दिया गया था और पूरे मामले की जांच रेलवे प्रशासन की उच्च स्तरीय समिति कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरपीएफ पर लगाए गए पैसे लेकर कार्रवाई करने जैसे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि यात्रियों की सुरक्षा आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सभी के सामने रखी जाएगी।





