दहेज प्रताड़ना और गर्भपात के मामले में पति समेत सास-ससुर को बड़ा झटका

City/ STATE'S आगरा उत्तर प्रदेश कानून

तहकीकात TODAY 

रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन 

आगरा। दहेज प्रताड़ना और गर्भपात के गंभीर मामले में अदालत ने पति समेत सास और ससुर की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले में उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के बयानों को महत्वपूर्ण मानते हुए तीनों आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया। जमानत खारिज होने से आरोपी पति नन्दित बंसल, सास मीनू और ससुर गोविन्द बंसल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले में आरोप लगाया गया है कि शादी के महज तीन महीने बाद ही विवाहिता के साथ मारपीट और दहेज के लिए प्रताड़ना शुरू कर दी गई थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज के रूप में 21 लाख रुपये और वाहन की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर विवाहिता को कथित रूप से प्रताड़ित किया गया। मामले में गर्भपात कराने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित डॉक्टरों के बयान प्रस्तुत किए गए। अदालत ने इन साक्ष्यों को मामले की गंभीरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि इस प्रकार का अपराध महिला की गरिमा और सम्मान के प्रतिकूल है। मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने पति नन्दित बंसल, उसकी मां मीनू और पिता गोविन्द बंसल की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं। बताया गया कि तीनों आरोपियों को 29 जुलाई को हैदराबाद से गिरफ्तार कर आगरा लाया गया था। इसके बाद आरोपियों की ओर से जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की गई थी, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया। मामले में अदालत के इस आदेश के बाद आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिल सकी है। प्रकरण में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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