तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / जाहिद सलमानी
आगरा। ताजनगरी आगरा में होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों ने नगर निगम द्वारा लगाए जा रहे ट्रेड टैक्स के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन आगरा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि केवल होटल कारोबार पर लगाए जा रहे ट्रेड टैक्स को समाप्त नहीं किया गया तो शहर के सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालक एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर कहा है कि नगर निगम की यह नीति व्यापारियों के साथ भेदभावपूर्ण है। उनका कहना है कि शहर में कई अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, लेकिन ट्रेड टैक्स का बोझ केवल होटल व्यवसाय पर डाला जा रहा है,

जिससे कारोबारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि आगरा एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है, जहां होटल और रेस्टोरेंट उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है और शहर की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में होटल कारोबारियों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ डालना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ-सबका विकास’ नीति का हवाला देते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को सभी व्यापारिक और पर्यटन प्रतिष्ठानों के लिए समान नियम लागू करने चाहिए। यदि नगर निगम को टैक्स व्यवस्था लागू करनी है तो वह सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए, न कि केवल होटल उद्योग को निशाना बनाया जाए। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही होटल उद्योग बिजली दरों, जीएसटी, लाइसेंस शुल्क और अन्य खर्चों के दबाव में काम कर रहा है। ऐसे में ट्रेड टैक्स कारोबारियों की आर्थिक मुश्किलों को और बढ़ाएगा। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो शहरभर के होटल और रेस्टोरेंट संचालक संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर होटल कारोबारियों और नगर निगम प्रशासन के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि नगर निगम व्यापारियों की मांग पर क्या फैसला लेता है।





