तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन
आगरा। चंबल क्षेत्र में मध्य प्रदेश की सीमा से होने वाले अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बाह और पिनाहट क्षेत्र के सघन निरीक्षण के दौरान वन, खनन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से नियमित पेट्रोलिंग और जांच करने के सख्त निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संवेदनशील स्थानों और आने-जाने वाले मार्गों पर संयुक्त जांच चौकियों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने तथा महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चंबल क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में मध्य प्रदेश की सीमा से अवैध खनन या खनिजों के अवैध परिवहन की किसी भी संभावना को रोकने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ लगातार निगरानी जरूरी है।डीएम ने निर्देश दिए कि सभी जांच चौकियों पर आवश्यक रजिस्टर रखे जाएं। इनमें निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों का विवरण और निरीक्षण रिपोर्ट दर्ज की जाए। उन्होंने संवेदनशीलता को देखते हुए नियमित पेट्रोलिंग और प्रभावी जांच व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन अंबाह-पिनाहट पुल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने पोंटून/पीपा पुल बंद होने के कारण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच आवागमन में आ रही परेशानी से अवगत कराया। डीएम ने बताया कि पुल का निर्माण पूरा होने तक स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्टीमर/नाव संचालन के लिए लोक निर्माण विभाग और वन विभाग से आवश्यक अनुमति मिल चुकी है। अब मध्य प्रदेश के मुरैना जिला प्रशासन से समन्वय कर शेष प्रक्रिया पूरी करते हुए स्टीमर सेवा जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। जिलाधिकारी चंबल नदी स्थित केंजरा घाट भी पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों से आवागमन, भूमि सीमांकन और अन्य स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने एसडीएम बाह को ग्रामीणों की समस्याओं की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

दौरे की शुरुआत में जिलाधिकारी ने तहसील बाह के पुरा बाघराज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय के नवीन भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि करीब 871.92 लाख रुपये की लागत से दिसंबर 2020 में शुरू हुआ निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। डीएम ने भवन में फिनिशिंग, वॉल पुट्टी, रंगाई-पुताई, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए एक माह के भीतर भवन को संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप वर्मा, डीएफओ राजेश कुमार, एसडीएम बाह विनोद कुमार, तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





