तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
आगरा। आगरा पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने फर्जी सीएससी (CSC) सेंटर के नाम पर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी CSC आईडी, लिंक और APK फाइल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे। पूछताछ में आगरा में 10 से 12 करोड़ रुपये और पूरे नेटवर्क द्वारा 50 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। गिरोह के तार कई राज्यों के साथ-साथ दुबई तक जुड़े मिले हैं। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

आगरा साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई में सिद्धार्थनगर निवासी आयुष कुमार और उत्तराखंड के उधम सिंह नगर निवासी राजा उर्फ गुल प्रेम कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी CSC सेंटर संचालक बनकर लोगों को सरकारी सेवाएं और बैंकिंग सुविधाएं दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद वे फर्जी CSC आईडी, संदिग्ध लिंक और APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना लेते थे और उनके खातों से रुपये निकाल लेते थे।

पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि गिरोह ने अकेले आगरा में ही करीब 10 से 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की, जबकि देशभर में इस नेटवर्क द्वारा 50 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। जांच में गिरोह के तार हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और दुबई तक जुड़े मिले हैं। साइबर क्राइम पुलिस की रडार पर गिरोह के पांच अन्य सदस्य भी हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस, फर्जी CSC आईडी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है। इसके अलावा करीब एक करोड़ रुपये के संदिग्ध CSC वॉलेट ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम का पूरा ब्योरा सामने आ सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे साइबर रैकेट का खुलासा किया जाएगा।





