तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान
आगरा। यूजीसी कानून में प्रस्तावित बदलावों और यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर आगरा में सवर्ण समाज का आंदोलन तेज हो गया है। जिला मुख्यालय के घेराव के ऐलान के बाद रविवार को बड़ी संख्या में आंदोलनकारी ट्रैक्टरों के साथ मुड़ी चौराहे पर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि यूजीसी कानून में किए गए बदलावों को लेकर सवर्ण समाज के बीच गंभीर चिंताएं हैं। उनका आरोप है कि नए प्रावधानों में सवर्ण समाज के बच्चों की शिकायतों और उनके पक्ष की सुनवाई को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। आंदोलनकारियों ने दावा किया कि केवल शिकायत के आधार पर सवर्ण समाज के बच्चों के उत्पीड़न की आशंका बनी रहेगी।

आंदोलनकारियों ने सरकार पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूजीसी कानून में किए गए बदलावों को लेकर उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिला मुख्यालय घेराव का ऐलान
आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। आंदोलनकारियों का दावा है कि घेराव के लिए करीब एक हजार ट्रैक्टरों और करीब 10 हजार लोगों के जुटने की तैयारी है। मुड़ी चौराहे पर ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे आंदोलनकारियों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की और जिला मुख्यालय की ओर कूच करने की बात कही। आंदोलन के दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी धर्मेंद्र चौहान समेत अन्य वक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। वहीं कृष्णवीर जादौन और आकाश चौहान समेत आंदोलन से जुड़े लोगों ने भी सरकार से यूजीसी रोलबैक की मांग उठाई।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिला मुख्यालय के घेराव के ऐलान के बाद आगरा पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। आंदोलनकारियों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने बैरिकेडिंग को मजबूत करने के लिए डंपर, हाइड्रा मशीन और अन्य भारी मशीनरी भी मौके पर लगाई है। पुलिस की ओर से आंदोलन में शामिल बताए जा रहे करीब 80 लोगों को नोटिस दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। फिलहाल आगरा में आंदोलन को लेकर पुलिस-प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है। एक तरफ आंदोलनकारी बड़ी संख्या में लोगों और ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय घेराव की तैयारी में हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहा है। आने वाले घंटों में आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।





