तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / अजेंद्र सिंह चौहान
आगरा। आगरा की केंद्रीय कारागार में बंदियों के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम और दंत स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बंदियों के दांतों की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरी परामर्श दिया।

कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव पंकज कुमार प्रथम ने केंद्रीय कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बंदियों की ओर से सामने रखी गई समस्याओं को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून के तहत अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है। आर्थिक रूप से कमजोर या अधिवक्ता नियुक्त करने में असमर्थ बंदी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानत से जुड़े प्रावधानों और विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बंदियों को बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कोई व्यक्ति कानूनी सहायता से वंचित नहीं रहेगा। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केंद्रीय कारागार में दंत स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया। शिविर में बंदियों के दांतों की जांच की गई और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। चिकित्सकों ने बंदियों को दांतों की नियमित सफाई, स्वच्छता और मौखिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के संबंध में जरूरी जानकारी दी। जेल निरीक्षण के दौरान जेल की पाकशाला और चिकित्सा वार्ड का भी जायजा लिया गया। पाकशाला में बंदियों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन की व्यवस्था देखी गई, जबकि चिकित्सा वार्ड में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और उपचार की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
पूर्णकालिक सचिव पंकज कुमार प्रथम ने जेल प्रशासन से बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने बंदियों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में जेलर संतोष कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष जैन, दंत चिकित्सक और कारागार प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। विधिक जागरूकता कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से बंदियों को जहां उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी मिली, वहीं उनके स्वास्थ्य की भी जांच की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।





