तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
आगरा/लखनऊ। यूपी मेट्रो की सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के चलते आगरा के एक 13 वर्षीय अपहृत बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचा दिया गया। बच्चा अपहरणकर्ताओं के चंगुल से निकलकर मदद की तलाश में लखनऊ के दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन पहुंचा था, जहां सुरक्षा कर्मियों ने उसे तत्काल सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया और पुलिस को सूचना देकर परिजनों तक पहुंचाने में मदद की। घटना गुरुवार दोपहर करीब 12:50 बजे की है। आगरा निवासी 13 वर्षीय बालक दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के कॉनकोर्स एरिया में तैनात सुरक्षा कर्मियों के पास पहुंचा। बच्चा बेहद डरा हुआ था। उसने बताया कि कुछ लोगों ने कथित रूप से उसका अपहरण कर लिया था और उसे आगरा से लखनऊ लेकर आए थे। भीड़ के बीच मौका पाकर वह उनके चंगुल से निकल गया और मदद की तलाश में मेट्रो स्टेशन पहुंचा।बालक आगरा की साईं धाम कॉलोनी, रुनकता मोड़, करावली का रहने वाला है। उसकी स्थिति को देखते हुए एसएसएफ सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और स्टेशन कंट्रोल टीम को जानकारी दी। मेट्रो सुरक्षा कर्मियों ने बच्चे को भरोसा दिलाते हुए उसके परिवार से संपर्क करने के प्रयास शुरू किए। एसएसएफ जवान ने बच्चे की मदद से वीडियो कॉल के जरिए उसके पिता से संपर्क कराया। बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार ने राहत की सांस ली। बच्चे के पिता ने बताया कि उसके लापता होने के बाद आगरा पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।

मेट्रो स्टेशन कंट्रोल टीम ने तत्काल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना नाका पुलिस दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन पहुंची। आवश्यक सत्यापन और कार्रवाई के बाद पुलिस की मौजूदगी में बच्चे को उसके चाचा के सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के चाचा ने संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और संवेदनशीलता दिखाने के लिए दुर्गापुरी मेट्रो की सुरक्षा टीम और मेट्रो स्टाफ का आभार जताया।यूपीएमआरसी के अनुसार लखनऊ मेट्रो की सतर्कता और संवेदनशीलता से पहले भी कई जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित सहायता मिल चुकी है। सितंबर 2025 में परिवार से बिछड़ी 8 वर्षीय बच्ची, दिसंबर 2025 में बिहार से भटके 13 वर्षीय बच्चे और जनवरी 2026 में परिवार से बिछड़ी 9 वर्षीय बच्ची को मेट्रो कर्मियों ने सुरक्षित उनके परिजनों अथवा संबंधित संरक्षण तक पहुंचाया था। अब दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन पर अपहरण से बचकर पहुंचे 13 वर्षीय बच्चे को भी मेट्रो टीम ने तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई और पुलिस की मदद से उसे परिवार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यूपीएमआरसी के अनुसार आपात स्थितियों से निपटने के लिए मेट्रो स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। खासतौर पर नाबालिग यात्रियों से जुड़ी परिस्थितियों में मानवता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति संभालने पर विशेष जोर दिया जाता है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि लखनऊ मेट्रो में यात्री सुरक्षा केवल सुरक्षित यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय यात्रियों, विशेषकर बच्चों को तत्काल सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता में शामिल है।





