तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / जाहिद सलमानी
आगरा। पुराने टैक्स बकाये को लेकर परेशान व्यापारियों और करदाताओं के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू कर दी है। इस योजना के तहत जीएसटी लागू होने से पहले के पुराने कर कानूनों के अंतर्गत लंबित बकाये पर ब्याज में 50 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही पात्र करदाताओं को अर्थदंड यानी जुर्माने में भी पूरी छूट मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को अपना मूल टैक्स पूरा जमा करना अनिवार्य होगा। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की मंजूरी के बाद 16 अक्टूबर 2026 को योजना का शासनादेश जारी किया गया। यह योजना 15 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। ऐसे में पात्र व्यापारियों के पास अपने पुराने कर बकाये का निस्तारण कराने और ब्याज व जुर्माने से राहत पाने के लिए निर्धारित समय सीमा तक आवेदन करने का अवसर है।
अपर आयुक्त पंकज गांधी ने की समीक्षा बैठक
योजना को प्रभावी ढंग से लागू कराने और अधिक से अधिक पात्र व्यापारियों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए राज्य कर विभाग आगरा के अपर आयुक्त ग्रेड-1 पंकज गांधी ने अधिकारियों और अधिवक्ता संघों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में योजना के क्रियान्वयन की कार्ययोजना पर चर्चा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यापारी तक पहुंचाई जाए, जिससे कोई भी पात्र करदाता जानकारी के अभाव में लाभ से वंचित न रह जाए। अपर आयुक्त ने अधिकारियों को खंडवार ऐसे व्यापारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, जिन पर पुराने कर कानूनों के तहत बकाया लंबित है। इन व्यापारियों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर उन्हें योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, ब्याज में मिलने वाली छूट और निर्धारित समय सीमा की जानकारी दी जाएगी। विभाग का प्रयास है कि पात्र व्यापारियों को समय रहते योजना से जोड़कर पुराने विवादों और बकाये का निस्तारण कराया जा सके।
हेल्प डेस्क के माध्यम से मिलेगी जानकारी
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य कर विभाग की ओर से हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। हेल्प डेस्क पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने वाले व्यापारियों को आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। इसके अलावा समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सिनेमा हॉल, होर्डिंग और बैनर के माध्यम से भी योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में योजना की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाएं। व्यापारिक संगठनों, अधिवक्ताओं और संबंधित करदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाकर पात्र लोगों को समय सीमा के भीतर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बकाये के हिसाब से मिलेगी ब्याज में छूट
उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 में बकाया मूल टैक्स की राशि के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इसके तहत जिन व्यापारियों का बकाया मूल टैक्स 10 लाख रुपये तक है, उन्हें ब्याज में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। यानी निर्धारित शर्तों के अनुसार मूल टैक्स जमा करने पर पूरा ब्याज माफ हो सकेगा। इसी तरह 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के बकाये पर ब्याज में 90 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इस श्रेणी में करदाता को कुल निर्धारित ब्याज का केवल 10 प्रतिशत जमा करना होगा। एक करोड़ रुपये से पांच करोड़ रुपये तक के बकाये पर ब्याज में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी और शेष 25 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा। वहीं पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये वाले करदाताओं को ब्याज में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। इस श्रेणी में निर्धारित ब्याज का शेष 50 प्रतिशत जमा करना होगा। योजना की सभी श्रेणियों में अर्थदंड की 100 प्रतिशत माफी का प्रावधान बताया गया है। हालांकि इसका लाभ लेने के लिए मूल टैक्स की पूरी धनराशि जमा करना जरूरी होगा।
इन पुराने कर कानूनों के मामले होंगे शामिल
यह योजना जीएसटी लागू होने से पहले के पुराने कर कानूनों के अंतर्गत लंबित बकाये के निस्तारण के लिए लाई गई है। इसके दायरे में उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम और वैट, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम, मनोरंजन कर तथा आमोद एवं पणकर अधिनियम से संबंधित पात्र मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त केबल टेलीविजन नेटवर्क से संबंधित निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले मामलों को भी योजना के दायरे में शामिल बताया गया है। जिन करदाताओं के मामले न्यायालय या अपीलीय अधिकरण में लंबित हैं, वे भी निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित वाद या अपील वापस लेने के संबंध में आवश्यक शपथपत्र और अन्य निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। आवेदन से पहले व्यापारियों को अपने मामले की स्थिति और लागू शर्तों की पुष्टि संबंधित विभागीय अधिकारियों से कर लेनी चाहिए।
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र व्यापारियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए करदाता संबंधित वाणिज्य कर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करके निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय बकाया कर की राशि, संबंधित कर कानून और विभागीय अभिलेखों में दर्ज मामले का विवरण सही तरीके से भरना जरूरी होगा। योजना की शुरुआत 16 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और आवेदन की अंतिम समय सीमा 15 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। इसलिए जिन व्यापारियों पर पुराने कर कानूनों के अंतर्गत ब्याज और अर्थदंड सहित बकाया लंबित है, उन्हें समय रहते अपनी पात्रता की जांच कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
व्यापारियों को पुराने मामलों के निस्तारण का अवसर
राज्य कर विभाग आगरा की समीक्षा बैठक में योजना के प्रचार-प्रसार, पात्र व्यापारियों की पहचान और आवेदन प्रक्रिया को लेकर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल प्रचार तक सीमित न रहें, बल्कि पात्र व्यापारियों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराएं। उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 के तहत मूल टैक्स जमा करने पर ब्याज में बड़ी राहत और अर्थदंड की पूरी माफी का प्रावधान पुराने कर बकाये से जुड़े व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। अब विभाग के सामने निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक पात्र करदाताओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने और उनके आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बनाने की जिम्मेदारी है।





