तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / मोहम्मद सुमेर
आगरा, 12 अप्रैल 2026। भारतीय जनता पार्टी द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आगरा सहित उत्तर प्रदेश के 11 प्रमुख शहरों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में भाजपा ब्रज क्षेत्र कार्यालय, आगरा में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर हेमलता दिवाकर ने इस अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महापौर ने कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण में सशक्त भागीदार बनाएगा। उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व मजबूत होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए देश और आगरा की महिलाओं की ओर से उनके दीर्घायु होने की कामना की।अभियान की ब्रज क्षेत्र संयोजिका रश्मि धाकड़ ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। पंचायतों में 46 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं के प्रभावी नेतृत्व को देश ने देखा है।वहीं, आगरा महानगर की जिला संयोजिका डॉ. निधि शर्मा ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य के निर्देशन में प्रदेश के 11 शहरों में नारी शक्ति का विशेष वंदन किया जाएगा, जिसमें आगरा भी शामिल है।उन्होंने बताया कि 12 से 18 अप्रैल के बीच विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें नारी शक्ति पदयात्रा, विधानसभा स्तरीय सम्मेलन, दीवार लेखन, मानव श्रृंखला, लेखन प्रतियोगिता, मिस कॉल अभियान और बाइक रैली प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा तथा निकायों में धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे।इस प्रेस वार्ता में वरिष्ठ नेत्री निर्मला दीक्षित, अनीता खरे, दीपिका मित्तल, नेहा गुप्ता, माधुरी माहोर, अंजू गर्ग, कुमकुम उपाध्याय, अंजना असीजा, मोनिका चोपड़ा, संध्या माहोर, भावना शर्मा, महेश शर्मा सहित कई गणमान्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।भाजपा का यह अभियान न केवल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, बल्कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देने वाला कदम भी साबित हो सकता है।





