तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान
आगरा, 12 अप्रैल 2026। आगरा दौरे पर पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य ने दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर शिक्षा, बीमा, ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक समरसता को लेकर व्यापक संदेश दिया। खेरिया एयरपोर्ट पर आगमन के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।

दौरे की शुरुआत फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रांड मरक्युर में आयोजित नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया की 30वीं क्षेत्रीय आमसभा से हुई। इस अवसर पर उन्होंने बीमा क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में अभी भी बड़ी संख्या में लोग बीमा कवरेज से बाहर हैं। उन्होंने विकास अधिकारियों से आह्वान किया कि वे गरीब और जरूरतमंद लोगों तक बीमा योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। एलआईसी को देश का सबसे बड़ा और मजबूत बीमा संगठन बताते हुए उन्होंने इसके माध्यम से व्यापक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

इसके बाद राजदेवम ऑडिटोरियम में शिक्षक संगठन (यूटा) के प्रांतीय अधिवेशन के समापन कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लगभग 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया जा चुका है और शेष समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य जारी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं, जिससे समाज में सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास बढ़े और शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित भारत की आधारशिला है।

उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा लागू कैशलेस चिकित्सा सुविधा, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि जैसे निर्णयों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सरकार शिक्षा और शिक्षकों के हित में लगातार कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने देश में हो रही वैज्ञानिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

फतेहाबाद क्षेत्र में आयोजित सम्राट अशोक जयंती कार्यक्रम में उन्होंने ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य जैसे महान शासकों की नीतियां आज भी देश को दिशा देने का कार्य कर रही हैं। नए संसद भवन में अशोक स्तंभ की स्थापना को उन्होंने भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।

रामबाग में आयोजित निषादराज एवं महर्षि कश्यप जयंती कार्यक्रम में उन्होंने निषाद समाज के योगदान को याद करते हुए कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक आंदोलनों में इस समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने निषादराज की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा करते हुए सामाजिक सम्मान और पहचान को मजबूत करने की बात कही।

उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार गरीबों, किसानों और आम नागरिकों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सामाजिक एकता, शिक्षा के विस्तार और जनभागीदारी को विकसित भारत के निर्माण का आधार बताते हुए सभी वर्गों से सहयोग का आह्वान किया।दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। यह दौरा प्रशासनिक, शैक्षिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, जिसमें विकास और सहभागिता का स्पष्ट संदेश देखने को मिला।





