तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — नोशीन सलमानी
आगरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एस.एन.एम.सी.), आगरा में आयोजित सात दिवसीय “योग सप्ताह” के अंतर्गत मंगलवार को दूसरे दिन का योग शिविर उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित इस विशेष सत्र में प्राणायाम के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।

योग सप्ताह के दूसरे दिन का मुख्य विषय “प्राणायाम एवं श्वसन स्वास्थ्य” रहा। योग विशेषज्ञों ने संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी सहित विभिन्न प्रकार के प्राणायाम का अभ्यास कराया। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित प्राणायाम से श्वसन तंत्र मजबूत होता है, शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है तथा मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों को प्राणायाम की वैज्ञानिक उपयोगिता से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और अनियमित दिनचर्या के बीच योग और प्राणायाम स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है बल्कि मानसिक एकाग्रता और कार्यक्षमता भी बढ़ती है। गौरतलब है कि सोमवार, 15 जून को प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता की अध्यक्षता में योग सप्ताह का भव्य शुभारंभ किया गया था। उद्घाटन सत्र में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में इसकी भूमिका पर विशेष जोर दिया गया था। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि योग और प्राणायाम भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री की प्रेरणा से संचालित यह अभियान लोगों को स्वस्थ, जागरूक और सशक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों से नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। दो दिनों से चल रहे इस योग सप्ताह में मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्यों, हॉस्पिटल मैनेजर, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों तथा एमबीबीएस एवं नर्सिंग विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ योग एवं प्राणायाम का अभ्यास किया और इसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार योग सप्ताह का आयोजन 21 जून, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन विभिन्न योग सत्र, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम तथा योग से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आमजन को योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। योग सप्ताह के सफल आयोजन से एस.एन. मेडिकल कॉलेज परिसर में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिल रहा है। प्रतिभागियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी नियमित रूप से किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोग योग के लाभों से जुड़ सकें।





