तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ इस्लाम अब्बास
आगरा। समाज में चंदे के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की बात कहते हुए बल्केश्वर क्षेत्र के दो पूर्व पार्षदों, वर्तमान पार्षदों और समाजसेवियों ने सोमवार को वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में प्रेस वार्ता की। इस दौरान इंदर एन्क्लेव निवासी विष्णु कुमार उर्फ वीके अग्रवाल पर संस्था के नाम पर चंदा जुटाने और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए संस्था का संचालन करने के गंभीर आरोप लगाए गए। पूर्व पार्षद ताराचंद मित्तल ‘तोती भाई’ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2004 में ‘अग्रबंधु समन्वय समिति’ का पंजीकरण हुआ था, जिसके अध्यक्ष वीके अग्रवाल थे। उनके मुताबिक संस्था का कार्यालय उनके आवास पर था और प्रशासनिक एवं आर्थिक कार्य भी उन्हीं के पास थे। आरोप है कि संस्था का निर्धारित समय पर नवीनीकरण नहीं कराया गया, इसके बावजूद महाराजा अग्रसेन जयंती सहित अन्य सामाजिक आयोजनों के नाम पर चंदा एकत्र करने का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में वीके अग्रवाल ने स्वयं को महामंत्री दर्शाते हुए ‘श्री अग्रबंधु समन्वय समिति’ से ‘श्री’ हटाकर ‘अग्रबंधु समन्वय समिति’ के नाम से नया पंजीकरण कराया और नई नियमावली के माध्यम से संस्था के महत्वपूर्ण अधिकार अपने पास सुरक्षित कर लिए।

पूर्व पार्षद प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में वीके अग्रवाल ने संस्थाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर और कथित फर्जी शपथ पत्र के आधार पर परिवर्तित संस्था का नवीनीकरण करा लिया। उन्होंने बताया कि गतिविधियों पर संदेह होने के बाद संस्था की नियमावली और आय-व्यय का हिसाब मांगा गया, लेकिन कथित तौर पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय से संस्था के दस्तावेज निकलवाने पर कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आई। प्रकाश चंद्र अग्रवाल के अनुसार, 31 जनवरी 2025 को सब रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत की गई। जांच के बाद 9 जुलाई 2025 को जांच अधिकारी की रिपोर्ट में वीके अग्रवाल को दोषी बताया गया। इसके बाद 16 जुलाई 2025 के आदेश में धारा 12-डी के तहत ‘अग्रबंधु समन्वय समिति’ को निरस्त किए जाने और पुलिस कार्रवाई की संस्तुति किए जाने का दावा प्रेस वार्ता में किया गया। पार्षद हरिओम गोयल बाबा ने बताया कि सब रजिस्ट्रार की ओर से पुलिस कार्रवाई की संस्तुति के बाद 7 अगस्त 2025 को पुलिस से शिकायत की गई। उनके अनुसार पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी स्तर से जांच कराई गई और जांच रिपोर्ट के आधार पर कमला नगर थाने में 27 सितंबर 2025 को वीके अग्रवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। प्रेस वार्ता में दावा किया गया कि मामले की जांच लंबे समय से चल रही है। समाजसेवी गिर्राज बंसल और रमन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि संस्था निरस्त होने के बाद वीके अग्रवाल ने सदर तहसील में ‘श्री अग्रबंधु सेवा ट्रस्ट’ के नाम से नया संगठन बनाया और इसके माध्यम से समाज में फिर से चंदा एकत्र करने का काम शुरू कर दिया। उन्होंने समाज के लोगों से किसी भी संस्था या व्यक्ति को चंदा देने से पहले उसके पंजीकरण और आर्थिक गतिविधियों की पूरी जानकारी जांचने की अपील की। प्रेस वार्ता में मौजूद समाजसेवियों रवि अग्रवाल, गोपाल दास अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच जल्द पूरी करने और आरोप सही पाए जाने पर वीके अग्रवाल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज के नाम पर किसी भी तरह की कथित धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए। प्रेस वार्ता में पूर्व पार्षद ताराचंद मित्तल, पूर्व पार्षद प्रकाश चंद्र अग्रवाल, पार्षद हरिओम गोयल बाबा, गिर्राज बंसल, रमन अग्रवाल, रवि अग्रवाल और गोपाल दास अग्रवाल सहित अन्य समाजसेवी मौजूद रहे।





