राम मंदिर पर शंकराचार्य मुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान: बोले-“अभी नहीं जाऊंगा, यह भाजपा-आरएसएस का कार्यालय बन गया है”

City/ STATE'S अयोध्या उत्तर प्रदेश भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समाजवादी पार्टी

तहकीकात TODAY 

रिपोर्ट – फरहान खान/मोहम्मद सुमेर

अयोध्या। गौ-रक्षा जनजागरण यात्रा के तहत अयोध्या पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी मुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को राम मंदिर, करसेवा, चढ़ावा चोरी प्रकरण और प्रदेश की राजनीति को लेकर कई अहम बयान दिए। उनके बयानों के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। राम मंदिर में दर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि वह फिलहाल मंदिर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा, “अभी राम मंदिर, राम मंदिर नहीं बल्कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्यालय बन गया है। जब मंदिर अपने वास्तविक स्वरूप में होगा, तब मैं रामलला के दर्शन करने अवश्य जाऊंगा।”गोविंद देव गिरि द्वारा उन्हें शंकराचार्य न मानने संबंधी टिप्पणी पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले में उन्हें विधिक नोटिस भेजा जाएगा। उनका कहना था कि इस तरह के बयान का आधार स्पष्ट करना होगा। मथुरा में प्रस्तावित करसेवा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि करसेवा करना गलत नहीं है, लेकिन वर्तमान समय में इसका आयोजन उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तुलना पर उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण के मुद्दे पर दोनों ही उनकी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं योगी का विरोधी नहीं हूं, लेकिन यदि कोई भी गलत करेगा तो उसका विरोध करना धर्माचार्यों का कर्तव्य है।” अयोध्या प्रवास के दौरान स्वामी मुक्तेश्वरानंद ने हनुमानगढ़ी और कनक बिहारी मंदिर में दर्शन-पूजन किया तथा संत-महात्माओं से मुलाकात की। इसके बाद वह अपनी गौ-रक्षा जनजागरण यात्रा के अगले चरण के लिए गोरखपुर रवाना हो गए।

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