तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
आगरा। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने आगरा दौरे के दौरान राम मंदिर चंदा चोरी और कथित जमीन घोटाले के मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और पूरे मामले में बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पायलट ने मंदिर समिति को तत्काल बर्खास्त कर सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि राम मंदिर चंदा और जमीन से जुड़े कथित घोटाले कोई एक बार की घटना नहीं हैं, बल्कि बार-बार होने वाली गंभीर अनियमितताओं का मामला हैं। उनका आरोप था कि एसआईटी के नाम पर केवल औपचारिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि असली जिम्मेदारों तक जांच नहीं पहुंच रही।उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष से जुड़े मामलों की बात आती है तो केंद्रीय जांच एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो जाती हैं, लेकिन इस मामले में एजेंसियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। पायलट ने मांग की कि जांच पूरी होने तक मंदिर समिति को बर्खास्त रखा जाए और जिन लोगों के नाम आरोपों में सामने आए हैं, उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा लिया जाए। सचिन पायलट ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल की ओर से नहीं, बल्कि जनता की ओर से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का दायित्व है कि वह जनता और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब दे।





