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रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित होटल एलीनार में रविवार को मैथिल ब्राह्मण महासभा भारत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक-2026 आयोजित की गई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों और जनपदों से पहुंचे मैथिल ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने समाज की एकजुटता, राजनीतिक भागीदारी, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर गहन चिंतन-मंथन किया। कार्यक्रम में 17 राज्यों से आए समाजबंधुओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मैथिल ब्राह्मण गौरव आचार्य पंडित गंगाधर पाठक ने समाज को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से दोबारा जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मैथिल समाज को अपनी भाषा बोलने और लिखने में गर्व महसूस करना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि समाज ने अपनी भाषा, विवाह पद्धति, परिधान और कई परंपराओं को पीछे छोड़ दिया है तथा यज्ञोपवीत धारण करने जैसी परंपराएं भी कमजोर हुई हैं।

उन्होंने कहा कि मैथिल ब्राह्मण समाज के पास संख्या, बुद्धि, विद्या और वैभव सब कुछ है, लेकिन अपनी अस्मिता और पहचान को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने समाजबंधुओं से अपने अधिकारों के लिए आगे आने और एक-दूसरे को सशक्त बनाने की अपील की, ताकि संसद और विधानसभा में समाज की आवाज मजबूती से उठाई जा सके। महासभा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने राजनीतिक भागीदारी को समाज के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि समाज को अपनी शक्ति और पहचान को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम पांच लोगों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया। संजय कुमार झा ने कहा कि 2027 के चुनाव में यदि राजनीतिक दल मैथिल ब्राह्मण समाज को उचित महत्व और प्रतिनिधित्व नहीं देंगे तो महासभा निर्दलीय प्रत्याशी उतारने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराना होगा और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने बताया कि मैथिल ब्राह्मण महासभा भारत सामाजिक एकता, समाज हित, जनहित एवं राष्ट्रहित के उद्देश्य से लगातार काम कर रही है। मार्च 2025 में स्थापित संस्था अब देश के 17 राज्यों में कार्यरत है। इसके अलावा नेपाल, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित विदेशों में भी महासभा ने अपनी पहुंच बनाई है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. हरिओम शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का उद्देश्य देशभर के मैथिल ब्राह्मणों को जनजागरण अभियान के माध्यम से एक सूत्र में जोड़ना, संगठित करना और शिक्षित करना है। उन्होंने समाजबंधुओं से सम्मान और माला के पीछे भागने के बजाय समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। प्रदेश अध्यक्ष जेडी शर्मा ने कहा कि अगले माह लखनऊ में राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे को लेकर मैथिल ब्राह्मण समाज का देशभर से बड़ा जमावड़ा होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए तैयारियां और रूपरेखा तैयार की जा रही है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दाऊजी महाराज, नवल किशोर शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री अचल शर्मा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष डॉ. सीमा पाठक, राष्ट्रीय संयोजक बीएस झा, राष्ट्रीय महिला संयोजक सीमा झा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पवन झा, राकेश झा, पवन शर्मा, सोमप्रकाश शर्मा, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पं. सुभाष चंद्र झा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी संतोष झा, आगरा जिलाध्यक्ष शिवप्रकाश ओझा, रजनी किरण, राजेश शर्मा, तृप्ति नाथ झा, ललिता शर्मा और युवा जिलाध्यक्ष सोनू शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि आचार्य गंगाधर पाठक ने भगवान परशुराम एवं महाकवि विद्यापति के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया गया। सोनी चौधरी ने मां भगवती की सुमधुर वंदना प्रस्तुत की। राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन शर्मा ने मंच संचालन किया, जबकि प्रदेश अध्यक्ष जेडी शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। बैठक में समाज की एकजुटता, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए संगठन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।





