तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन
आगरा। जनपद में 16 से 22 जुलाई 2026 तक “भूजल सप्ताह” मनाया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि “जल है तो कल है – भूजल बचाएं, जीवन बचाएं” के संदेश के साथ पूरे जिले में सात दिवसीय जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान की थीम “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” रखी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि 16-17 जुलाई को ग्राम पंचायतों, 18-19 जुलाई को विकास खंडों, 20-21 जुलाई को नगर निकायों तथा 22 जुलाई को जिला मुख्यालय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के सफल संचालन के लिए मुख्य विकास अधिकारी को मुख्य नोडल अधिकारी तथा नगरायुक्त और एडीए उपाध्यक्ष को नोडल अधिकारी बनाया गया है। भूजल सप्ताह के दौरान तालाबों और जल निकायों के पुनरुद्धार के लिए श्रमदान, वर्षा जल संचयन, रिचार्ज पिट निर्माण, जल संरक्षण रैली, गोष्ठियां, कार्यशालाएं, पौधरोपण, जल संरक्षण शपथ, जल गुणवत्ता परीक्षण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर) के प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूल और कॉलेजों में चित्रकला, पोस्टर, रंगोली, निबंध, खेल एवं जल संदेश यात्रा जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025 के भूजल संसाधन आकलन के अनुसार जनपद आगरा के 8 विकास खंड और आगरा शहर अतिदोहित, 3 विकास खंड क्रिटिकल तथा 4 विकास खंड सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में हैं। ऐसे में भूजल स्तर में लगातार गिरावट गंभीर चिंता का विषय है और इसके संरक्षण के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रतिदिन आयोजित कार्यक्रमों की फोटो, वीडियो और संक्षिप्त रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आमजन, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यालयों, उद्यमियों, रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें, तालाबों के पुनरुद्धार में श्रमदान करें, वर्षा जल संचयन और रिचार्ज पिट बनाएं, जल-दक्ष सिंचाई तकनीकों को अपनाएं, पौधरोपण करें और सामूहिक रूप से जल संरक्षण की शपथ लेकर जनपद को जल-सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें।





