तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ राजकुमार मीना
सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांवड़ यात्रा, कलेक्ट्रेट मस्जिद विवाद, जौहर यूनिवर्सिटी और जिन्ना को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना देश के बंटवारे के सबसे बड़े गुनहगार हैं और कांग्रेस का उनसे कोई संबंध नहीं है। कांवड़ यात्रा से पहले इमरान मसूद ने शहरवासियों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सहारनपुर की परंपरा सभी समुदायों के साथ मिलकर कांवड़ियों के स्वागत की रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी हर वर्ष की तरह सेवा शिविर लगाएंगे। इमरान मसूद ने कहा कि मस्जिद से जुड़े मामले में सबसे पहले जमीन के मालिकाना हक का कानूनी रूप से तय होना जरूरी है। उनका दावा है कि संबंधित भूमि के मालिकाना हक के पुख्ता रिकॉर्ड मौजूद हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इसे राजनीतिक या सांप्रदायिक मुद्दा न बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल का भूमि पर वैध अधिकार नहीं है तो इस्लामी नियमों के अनुसार वहां नमाज भी नहीं हो सकती। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जिस खसरा नंबर का जिक्र मस्जिद विवाद में हो रहा है, उसी पर एक मंदिर भी स्थित है और सवाल उठाया कि क्या प्रशासन वहां भी समान कार्रवाई करेगा। प्रेस वार्ता में सांसद ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर संभावित बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए संस्थान को बचाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कोई प्रशासनिक या कानूनी समस्या है तो सरकार प्रशासक नियुक्त कर उसका समाधान करे। इमरान मसूद ने कहा, “हमारे लिए मोहम्मद अली जिन्ना देश के बंटवारे के सबसे बड़े गुनहगार हैं। कांग्रेस का जिन्ना से कोई संबंध नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को जिन्ना समर्थक बताना केवल राजनीतिक प्रचार का हिस्सा है।





