किसानों-व्यापारियों को मिलेगा सस्ता और सुरक्षित विकल्प
तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / मोहम्मद सुमेर
आगरा। उद्यान विभाग और रेलवे अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से आगरा में आलू परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। होटल अतिथिवन, वॉटर वर्क्स में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता उप निदेशक उद्यान, आगरा मंडल श्री मुकेश कुमार ने की। बैठक में आगरा व मथुरा के जिला उद्यान अधिकारी, मंडी अधिकारी, कोल्ड स्टोरेज संचालक, आलू व्यापारी और एग्रीगेटर्स सहित बड़ी संख्या में संबंधित हितधारक शामिल हुए। बैठक में रेलवे के माध्यम से आलू को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाकर व्यापार बढ़ाने और रेल राजस्व में वृद्धि के संभावित अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यमुना ब्रिज स्टेशन से उत्तर-पूर्व भारत के विभिन्न स्थानों तक आलू की सफल लोडिंग की जा रही है और यह माध्यम लागत के लिहाज से काफी किफायती साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 32 वैगनों की लोडिंग की जा चुकी है।

हालांकि, बैठक में व्यापारियों और कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने कई समस्याएं भी उठाईं। रैक की उपलब्धता, लोडिंग-अनलोडिंग की सुविधा, पारगमन समय, सुरक्षा और लागत जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से नाशवान वस्तु होने के कारण आलू को बिना वेंटिलेशन वाले वैगनों में ले जाने पर खराब होने की आशंका जताई गई और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था करने की मांग रखी गई। रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि नाशवान माल की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए रैक और वैगनों की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि आगरा का आलू उच्च गुणवत्ता का है, जो वर्तमान में अधिकतर सड़क मार्ग से दक्षिण भारत भेजा जाता है। यदि रेलवे सुरक्षित और भरोसेमंद सुविधा दे, तो यह ट्रैफिक रेल मार्ग की ओर शिफ्ट किया जा सकता है। बैठक में कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग की ओर से नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में आलू निर्यात पर मिलने वाली सब्सिडी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इससे किसानों और व्यापारियों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना जताई गई। अंत में सभी प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि सस्ती दर, सुरक्षित परिवहन और कम पारगमन समय सुनिश्चित कर रेलवे को आलू परिवहन के लिए और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि बैठक में प्राप्त सुझावों और समस्याओं को संकलित कर रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि जल्द समाधान निकालकर क्षेत्र में आलू की रेल द्वारा ढुलाई को बढ़ावा दिया जा सके।





