तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन
आगरा। जनपद आगरा की बाह तहसील में कथित भ्रष्टाचार और घूसखोरी के गंभीर आरोपों को लेकर हड़कंप मच गया है। पूर्व बार एसोसिएशन बाह के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता जमीर हुसैन समेत साथी अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी आगरा से लिखित शिकायत कर तहसील कार्यालय और न्यायालय तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तहसील कार्यालय और न्यायालय तहसीलदार में बड़े पैमाने पर घूसखोरी और भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है। अधिवक्ताओं ने न्यायालय में लंबित पत्रावलियों के निस्तारण में भी देरी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि निर्धारित 45 दिन की अवधि के बजाय कई पत्रावलियों का निस्तारण तीन से चार माह बाद भी नहीं हो पा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने तहसील में तैनात कथित प्राइवेट कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि निजी लाभ के लिए पत्रावलियों में जानबूझकर गलतियां की जाती हैं, जिसके चलते ग्रामीणों और फरियादियों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी महीनों तक तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अधिवक्ताओं ने प्राइवेट कर्मचारियों पर जमकर वसूली करने के आरोप भी लगाए हैं। शिकायत में यहां तक दावा किया गया है कि एक चौकीदार द्वारा न्यायालय में बैठकर कथित रूप से वसूली की जाती है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्राइवेट कर्मचारियों की गतिविधियों के कारण तहसील में भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आगरा ने शिकायत का संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।





