तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – मोनिश उद्दीन
आगरा में नकली एंटी रेबीज वैक्सीन के मामले में फुव्वारा स्थित राधा मेडिकल स्टोर भी जांच के घेरे में आ गया है। औषधि विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर पर जांच की। जांच के दौरान स्टोर से एंटी रेबीज वैक्सीन यानी एआरवी बरामद नहीं हुई, लेकिन वैक्सीन की खरीद से संबंधित बिल जरूर मिले हैं। इसके बाद विभाग ने मेडिकल स्टोर से दवाओं की खरीद और बिक्री पर रोक लगा दी है। जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर के नाम पर 1000 एआरवी वायल का बिल मौजूद है, लेकिन स्टोर संचालक के मुताबिक उसे इतनी वैक्सीन मिली ही नहीं। ऐसे में बिल में दर्ज वैक्सीन और वास्तविक सप्लाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। औषधि विभाग अब बिलों और सप्लाई के रिकॉर्ड के जरिए पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटा है। विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालक से पिछले तीन महीने के सभी दवाओं की खरीद और बिक्री के बिल मांगे हैं। इन दस्तावेजों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मेडिकल स्टोर ने किन फर्मों से दवाएं खरीदीं और आगे किन लोगों या संस्थानों को उनकी बिक्री की गई। जांच के दौरान औषधि विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर से एसिडिटी के सीरप और त्वचा रोग में इस्तेमाल होने वाली ट्यूब के नमूने भी लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि दवाओं की गुणवत्ता और उनकी वास्तविकता की जांच हो सके। फिलहाल राधा मेडिकल स्टोर की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। 1000 एआरवी वायल के बिल के बावजूद वैक्सीन की सप्लाई नहीं होने का दावा इस जांच का अहम बिंदु बन गया है। औषधि विभाग अब बिल, सप्लाई रिकॉर्ड और संबंधित दवा फर्मों की जानकारी खंगालकर यह पता लगाने में जुटा है कि नकली एंटी रेबीज वैक्सीन के नेटवर्क से इस मेडिकल स्टोर का क्या कनेक्शन है।





