तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान
आगरा। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने आवासीय भूखंड का व्यावसायिक इस्तेमाल कर संचालित किए जा रहे अंजनी हॉस्पिटल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिकंदरा योजना में आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित भूखंड पर बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कर अस्पताल संचालित किए जाने की शिकायत और प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए परिषद के प्रवर्तन दल ने अस्पताल को सील कर दिया। यह कार्रवाई अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार पाल के आदेश पर की गई। प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जीएम खान ने बताया कि सिकंदरा योजना के सेक्टर-2बी स्थित भूखंड संख्या 1149 डॉ. नरेंद्र सिंह को आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित किया गया था। आरोप है कि इस भूखंड पर सक्षम स्तर से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना निर्माण कराया गया और बाद में यहां ‘अंजनी हॉस्पिटल’ का संचालन शुरू कर दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आवास एवं विकास परिषद के प्रवर्तन दल ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। टीम ने स्थल पर नोटिस चस्पा करने के बाद भवन को सील कर दिया। पूरी कार्रवाई अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। कार्रवाई के दौरान सीएमओ कार्यालय के अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा।
अस्पताल में मौजूद थे 5-6 मरीज
सीलिंग की कार्रवाई के समय अस्पताल में करीब 5 से 6 मरीज मौजूद थे। मरीजों की सुरक्षा और उनकी चिकित्सा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों ने उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी की थी। हालांकि, मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। सभी मरीजों ने अपना डिस्चार्ज कराया और अस्पताल से चले गए। इसके बाद परिषद की टीम ने नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई पूरी की।
अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह, सहायक अभियंता मयंक कुमार कौशिक, अवर अभियंता सुनील कुमार यादव, प्रवर्तन दल के अधिकारी-कर्मचारी, सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधि तथा स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने पूरी कार्रवाई नियमानुसार पूरी की।
आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सख्ती
आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार पाल ने स्पष्ट किया कि आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक अथवा अन्य गैर-अनुमोदित उपयोग करने और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। परिषद की ओर से ऐसे मामलों में नियमों के तहत सख्त कदम उठाने की बात कही गई है। परिषद की इस कार्रवाई से उन लोगों में भी हलचल मच गई है, जो आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित भूखंडों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत मानचित्र और भू-उपयोग संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





