यमुना पार क्षेत्र की पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान डीएम ने किया निरीक्षण

City/ STATE'S आगरा उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी निरीक्षण

तहकीकात TODAY 

रिपोर्ट – फरहान खान/ अजेंद्र चौहान 

आगरा। यमुना पार क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में निर्माणाधीन वृहद पेयजल परियोजना को अब तेजी देने की तैयारी है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने रविवार को पोइया घाट क्षेत्र में यमुना नदी पर उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा कराई जा रही परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन 85 एमएलडी क्षमता के इंटेक वेल और 55 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट समेत परियोजना के विभिन्न कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से परियोजना की तकनीकी संरचना, निर्माण की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता, पेयजल वितरण व्यवस्था और निर्धारित समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना का निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि पेयजल मिशन के अंतर्गत पोइया घाट पर यमुना नदी से कच्चा पानी लेने के लिए करीब 85 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल बनाया जा रहा है। यहां से पानी को करीब 55 एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाकर उसका शोधन किया जाएगा। इसके बाद शुद्ध पेयजल पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से यमुना पार क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना के तहत लगभग 231 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू पेयजल कनेक्शन देने का काम भी शुरू किया जा चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद ट्रांस यमुना कॉलोनी, कालिंदी विहार, फाउंड्री नगर, शाहदरा, राज नगर, सीता नगर, नगला रामदास और कछपुरा सहित यमुना पार क्षेत्र के 100 से अधिक गली-मोहल्लों और कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। परियोजना से करीब 55 हजार परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल शोधन प्रक्रिया, इंटेक वेल की संरचना, पंपिंग व्यवस्था, पाइपलाइन नेटवर्क, आरसीसी निर्माण और एमबीआर आधारित उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्माण चरण में निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के माध्यम से निर्माण कार्य की स्वतंत्र गुणवत्ता जांच भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाए। यमुना नदी के किनारे बन रही परियोजना को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ से सुरक्षा के इंतजामों की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की डिजाइन में उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को ध्यान में रखा गया है और संरचनाओं को सुरक्षित स्तर पर विकसित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल निकासी, बैकफ्लो से सुरक्षा, संरचनाओं की स्थायित्व क्षमता तथा बिजली और अन्य संवेदनशील उपकरणों की सुरक्षा के सभी जरूरी प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को केवल वर्तमान की पेयजल जरूरतों के अनुसार विकसित न किया जाए, बल्कि आगामी 100 वर्षों की संभावित जनसंख्या, पेयजल मांग और क्षेत्र के विस्तार को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना के साथ काम किया जाए।

उन्होंने भविष्य में परियोजना की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं, आवश्यक भूमि और आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के लिए अभी से प्रावधान रखने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले समय में पेयजल व्यवस्था को आसानी से विस्तारित किया जा सके। डीएम ने परियोजना स्थल तक पहुंचने वाली एप्रोच रोड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क को तत्काल दुरुस्त कराने और निर्माण सामग्री व भारी वाहनों के आवागमन को देखते हुए मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

परियोजना की समयसीमा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्माण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी अथवा अन्य समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यमुना पार क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरा होने से हजारों परिवारों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, एडीएम नमामि गंगे जुहैर बेग सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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