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रिपोर्ट — फरहान खान / इस्लाम अब्बास
आगरा। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में रविवार को आगरा पब्लिक स्कूल, विजय नगर कॉलोनी में प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट वर्ष 2026 की परीक्षाओं में हिंदी विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने के बाद विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.वी. शर्मा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे एवं भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान डॉ. मधु भारद्वाज, डॉ. डी.वी. शर्मा, डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, पं. अनिकेत शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद भगवान परशुराम की सामूहिक आरती की गई। सरस्वती वंदना डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत ममता पचौरी एवं आरती शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में महासभा द्वारा सितंबर माह में विभिन्न बोर्ड की परीक्षाओं में हिंदी विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है। इसके साथ ही हिंदी के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली विभूतियों का भी सम्मान किया जाता है। समारोह में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट वर्ष 2026 की परीक्षा में हिंदी विषय में उच्च अंक प्राप्त करने वाले मिष्ठी गौड़, वैष्णवी शर्मा, आयुष्वी गौतम, चाणक्य गोस्वामी, पर्व जैन, मौलिक सिंघल, अंश त्रिपाठी, आराध्या गोयल, प्रिंसी, चहक अग्रवाल, कार्तिक चौधरी, मनीषा गोयल, आरुष भारद्वाज, आर्यन गोयल, अदिति शर्मा, अरुनि भार्गव, अलौकिक कौशिक और यशवी शर्मा को सम्मानित किया गया। वहीं हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने के लिए पूनम माहेश्वरी, अनुराधा शर्मा, रिचा चौधरी, शिल्पी गुप्ता और कृतिका गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी और उपस्थित लोगों ने मेधावियों का उत्साहवर्धन किया। अति विशिष्ट अतिथि डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि भाषा अपना स्थान स्वयं बना लेती है, जिस प्रकार नदियां अपना रास्ता स्वयं बना लेती हैं। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि डॉ. डी.वी. शर्मा ने कहा कि बदलते परिवेश में हिंदी की परिभाषा भी बदली है। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किए जाने की आवश्यकता पर अपनी बात रखी। वहीं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक को प्रजातांत्रिक एवं मनोवैज्ञानिक होना चाहिए, ताकि वह विद्यार्थियों की प्रतिभा और क्षमता को बेहतर तरीके से समझ सके। कार्यक्रम में डॉ. मधु भारद्वाज, दीप्ति भार्गव, ममता पचौरी, वंदना तिवारी, विजया तिवारी, किरण शर्मा, डॉ. अरुणा भार्गव, अनुपम चतुर्वेदी, रेखा तिवारी, राजकुमारी पाराशर, आरती शर्मा, अर्चना पाठक, अनीता शर्मा, पूजा भारद्वाज, अरुण कुमार सारस्वत, प्रवीण कटारा, अभिषेक दीक्षित, शाहतोष गौतम, डॉ. आभा चतुर्वेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वंदना तिवारी ने किया। समारोह में हिंदी भाषा, शिक्षा और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।





