जनगणना-2027 की तैयारी तेज, आगरा में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

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तहकीकात TODAY 

रिपोर्ट — फरहान खान / जाहिद सलमानी 

आगरा। भारत की जनगणना-2027 को लेकर आगरा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जनगणना के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। तहसील सदर की ओर से ज्ञान भारती कॉलेज ऑफ एजुकेशन, रजरई मार्ग, बरौली अहीर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिकों से संवाद कर उन्हें दी जा रही जानकारी की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और उनके दायित्वों की स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि निर्धारित समय में शुद्ध और त्रुटिरहित आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि प्रशिक्षण को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जाए। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी कार्मिक जनगणना से संबंधित प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से समझें। उन्होंने प्रशिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया जाए, ताकि जनगणना कार्य के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जनगणना की सफलता के लिए सूचनाओं का सही संकलन बेहद जरूरी है। प्रत्येक प्रगणक को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करना होगा। वहीं, पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि वे गणना कार्य की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सूचनाएं सही तरीके से दर्ज की जा रही हैं।

16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना की प्रक्रिया

भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नागरिकों के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस सुविधा के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य करेंगे। इस दौरान निर्धारित प्रश्नावली के माध्यम से परिवारों और व्यक्तियों से आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी। स्व-गणना के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की गणना संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

विकास योजनाओं के निर्माण में अहम होगी जनगणना

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की जनसंख्या, परिवारों और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने का प्रमुख माध्यम है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, संसाधनों का नियोजन करने और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर सावधानी बरतना आवश्यक है। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की दक्षता, सूचनाओं की शुद्धता और कार्यों की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी कार्मिक निर्धारित समय-सारिणी और प्रशिक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम के निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी संदीप कुमार वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर विक्रम राघव सहित संबंधित अधिकारी, प्रशिक्षक, प्रगणक और पर्यवेक्षक मौजूद रहे। जनगणना-2027 के मद्देनजर आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी गणना प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रशासन का जोर है कि सभी संबंधित कार्मिकों को समय रहते प्रशिक्षित कर जनगणना कार्य को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा कराया जाए।

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