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रिपोर्ट — फरहान खान / अजेंद्र सिंह चौहान
आगरा। आगामी त्योहारों और नवंबर माह में शुरू होने वाले यातायात माह-2026 को लेकर आगरा पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को अपर पुलिस आयुक्त सचिन्द्र पटेल ने पुलिस लाइन्स स्थित कार्यालय में संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, त्योहारों के दौरान भीड़ नियंत्रण और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अपर पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यातायात व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गोष्ठी में पुलिस उपायुक्त नगर, पुलिस उपायुक्त पूर्वी, पुलिस उपायुक्त यातायात और अपर पुलिस उपायुक्त यातायात मौजूद रहे। अपर पुलिस आयुक्त ने आगामी यातायात माह के दौरान सड़क सुरक्षा के पांच प्रमुख मानकों यानी 5E के आधार पर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसमें एजुकेशन (शिक्षा), एनफोर्समेंट (प्रवर्तन), इंजीनियरिंग (अभियांत्रिकी), इमरजेंसी केयर (आपातकालीन देखभाल) और एनवायरनमेंट (पर्यावरण) को शामिल किया गया है। इन पांचों मानकों के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। अपर पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि यातायात माह के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्कूली बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी जाए। लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही शहर में दुर्घटना संभावित और संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या कम करने पर विशेष जोर दिया गया। अपर पुलिस आयुक्त ने स्टॉकहोम घोषणा-2020 का हवाला देते हुए वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को 50 प्रतिशत तक कम करने के निर्धारित लक्ष्य की दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा को केवल यातायात पुलिस की जिम्मेदारी न मानकर सामूहिक प्रयास के रूप में आगे बढ़ाया जाए। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन भी कराया जाए। वहीं आगामी त्योहारों को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। त्योहारों के दौरान बाजारों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पहले से ही प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार करने को कहा गया। बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के साथ ही नो-पार्किंग जोन में खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि त्योहारों के दौरान आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो और बाजारों में यातायात सुचारु बना रहे।इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में ड्राइविंग करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने और बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान और अन्य वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गोष्ठी के दौरान अपर पुलिस आयुक्त सचिन्द्र पटेल ने एक अहम निर्देश देते हुए कहा कि यातायात नियमों के पालन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। आम नागरिकों के साथ-साथ यदि कोई पुलिसकर्मी भी यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ भी समान रूप से वैधानिक कार्रवाई की जाए। नियमों का पालन कराने वाली पुलिस खुद भी नियमों के प्रति जवाबदेह रहे। अपर पुलिस आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात माह-2026 के दौरान जागरूकता और प्रवर्तन दोनों अभियानों को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए। त्योहारों के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने साफ किया कि यातायात व्यवस्था के सुचारु संचालन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में किसी भी तरह की शिथिलता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





