तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / मोहम्मद सुमेर
आगरा। आगरा में आयोजित भीम नगरी कार्यक्रम में नगीना से सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ‘रावण’ के पहुंचने पर बड़ी संख्या में समर्थकों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान उन्होंने कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए तीखे बयान दिए और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। लखीमपुर खीरी विवाद को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय होता, तो हालात बिगड़ने से पहले ही विवाद को शांत कराया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने की बात करती है, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों के संरक्षण की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों तक को नहीं बख्शा गया, जो बेहद चिंताजनक है। उनका आरोप था कि रात के समय कार्रवाई कर समाज में भय का माहौल बनाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सांसद ने कहा कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाना चाहिए और केवल दोषियों को ही सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने नोएडा मजदूर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मजदूर अपनी मजबूरी के चलते सड़कों पर उतरने को विवश हुए हैं, लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए हजारों की संख्या में गिरफ्तारियां की गईं, जो अन्यायपूर्ण है। महिलाओं के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित मारपीट पर भी उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं लखनऊ आगजनी मामले में उन्होंने पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास देने की मांग की। शोभायात्रा विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं का मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था, लेकिन यदि जाति के आधार पर कार्रवाई की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जारी रहेगा और समाज के अधिकारों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी।





