एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी का कमाल: 61 वर्षीय महिला फिर अपने पैरों पर चली

City/ STATE'S Health अलीगढ़ उत्तर प्रदेश

तहकीकात TODAY 

रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन

अलीगढ़। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1 (ग्रेटर नोएडा) ने अलीगढ़ में आयोजित एक बैठक में एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी की सफलता साझा करते हुए बताया कि 61 वर्षीय महिला, जो लंबे समय से गंभीर कमर दर्द और चलने-फिरने में असमर्थ थीं, अब सफल सर्जरी के बाद फिर से स्वतंत्र रूप से चलने लगी हैं। कार्यक्रम को यथार्थ हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी एवं चीफ, एमआईएसएस एंड पेन मॉड्यूलेशन, डॉ. राहुल शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र, ऑस्टियोपोरोसिस, खराब जीवनशैली और समय पर इलाज न मिलने के कारण बुजुर्गों में रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार कमर दर्द, पैरों में सुन्नपन, कमजोरी या चलने में कठिनाई जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉ. राहुल शर्मा के अनुसार, मरीज को लंबे समय से गंभीर कमर दर्द और चलने में लगातार बढ़ती परेशानी थी, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या और आत्मनिर्भरता प्रभावित हो गई थी। जांच और एमआरआई में रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में गंभीर स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस, मल्टीलेवल डिजेनेरेटिव बदलाव और नसों पर दबाव की पुष्टि हुई। इसके बाद 21 अप्रैल 2026 को न्यूरोसर्जरी टीम ने आधुनिक तकनीक से लैमिनेक्टॉमी, स्पाइनल फ्यूजन और डिस्केक्टॉमी जैसी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। ऑपरेशन के बाद मरीज को आवश्यक दवाएं, दर्द नियंत्रण और विशेष देखभाल दी गई। रिकवरी बिना किसी जटिलता के हुई और कुछ ही समय में मरीज दोबारा चलने में सक्षम हो गईं। दर्द में उल्लेखनीय कमी आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. राहुल शर्मा ने बताया कि मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी (MISS) तकनीक से ऑपरेशन के दौरान कम रक्तस्राव होता है, दर्द कम रहता है और मरीज पहले की तुलना में जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।

इस अवसर पर वेद नर्सिंग होम, अलीगढ़ के संचालक डॉ. अंकुर अग्रवाल ने कहा कि यथार्थ हॉस्पिटल के सहयोग से अलीगढ़ के मरीजों को आधुनिक स्पाइन और न्यूरोसर्जरी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कमर दर्द, पैरों में कमजोरी या चलने में परेशानी को बढ़ती उम्र का सामान्य लक्षण मानकर नजरअंदाज न करें, बल्कि समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें। यथार्थ हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार से स्थायी नर्व डैमेज को रोका जा सकता है तथा मरीजों को दोबारा सक्रिय, स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन दिया जा सकता है।

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