तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोनिस उद्दीन
आगरा। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब पर्यटन विभाग की कोई भी परियोजना केवल कागजी प्रस्तावों के आधार पर स्वीकृत नहीं होगी। प्रत्येक योजना का पहले जमीनी सत्यापन, उपयोगिता और जनहित के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के धन का उपयोग केवल उन योजनाओं पर होना चाहिए, जिनका लाभ वास्तविक रूप से लोगों तक पहुंचे।

सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री जयवीर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की योजनाओं और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। इसी के साथ प्रदेश के सभी 18 मंडलों में होने वाली समीक्षा बैठकों की शुरुआत आगरा और अलीगढ़ मंडल से की गई। बैठक में बताया गया कि आगरा मंडल की 58 पर्यटन परियोजनाओं, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 273 करोड़ रुपये है, की विस्तृत समीक्षा की गई। वहीं, मथुरा की धर्मार्थ विभाग से जुड़ी तीन परियोजनाओं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 245 करोड़ रुपये है, पर भी चर्चा हुई। दोनों मंडलों में 500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना के साथ भूमि अभिलेख, नवीनतम फोटोग्राफ, व्यवहारिक लागत का आकलन, ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के प्रमाण तथा स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलने वाले लाभ का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि चयन से लेकर निर्माण पूरा होने तक प्रत्येक चरण की निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित निर्माण कार्यों को हर हाल में नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी। साथ ही अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें तथा भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रमों में उन्हें अनिवार्य रूप से आमंत्रित करें। बैठक में बटेश्वर धाम के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण, कोठी मीना बाजार के सौंदर्यीकरण, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मारक पर पर्यटन सुविधाओं के विकास, बाबा नीब करौरी संग्रहालय के दूसरे चरण, पर्यटन सूचना केंद्रों और विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जी.एस. धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष गोविंद शर्मा, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने बताया कि आगरा और अलीगढ़ के बाद प्रदेश के शेष 16 मंडलों की समीक्षा भी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।





