तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोहम्मद सुमेर
आगरा। भूजल सप्ताह-2026 के तहत दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), शास्त्रीपुरम में भूगर्भ जल विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल बचत के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में सहायक भू-भौतिकविद् नौरतन कमल ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि बढ़ते जल संकट को रोकने के लिए वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण बेहद आवश्यक है। वहीं हाइड्रोलॉजिस्ट दीपक कुमार ने दैनिक जीवन में पानी बचाने के सरल उपाय बताते हुए कहा कि एक टपकता नल प्रतिदिन लगभग 6 लीटर पानी बर्बाद करता है, जबकि आरओ प्लांट से 1 लीटर शुद्ध पानी बनाने में करीब 5 लीटर भूजल व्यर्थ होता है। उन्होंने यह भी बताया कि खुला नल प्रति मिनट लगभग 7 लीटर पानी बर्बाद करता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और जल बचाने का संकल्प कराया गया। इसी अवसर पर भूजल सप्ताह-2026 के समापन पर विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गोष्ठी एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, भूगर्भ जल विभाग, लघु सिंचाई विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में 16 से 22 जुलाई तक आयोजित भूजल सप्ताह की विभिन्न गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया और इसे केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा स्थायी प्रयास बनाने पर जोर दिया।समापन समारोह के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और वर्षा जल संचयन व भूजल संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।





