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रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
जाजपुर (ओडिशा)। ओडिशा के जाजपुर जिले के चंडीखोल स्थित जय जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र है। अपनी भव्यता, प्राचीन परंपराओं और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।मंदिर परिसर में सिंह द्वार, पश्चिम द्वार, उत्तर द्वार और दक्षिण द्वार सहित चार भव्य प्रवेश द्वार हैं। यहां भगवान श्री जगन्नाथ के साथ माता लक्ष्मी, माता विमला सहित अनेक देवी-देवताओं के मंदिर स्थापित हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में आनंद बाजार तथा पारंपरिक रोषा घर (महाप्रसाद रसोई) की व्यवस्था भी है, जहां प्रतिदिन महाप्रसाद तैयार किया जाता है। मंदिर ट्रस्ट के मुख्य सेवक प्रकाश साहू हैं। उनके साथ विनायक पांडा, धनेश्वर स्वाईं, विजय पंडित सहित अनेक सेवक मंदिर की धार्मिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के मुख्य उपदेष्टा एएससीपी अमिताभ महापात्र हैं। उनके मार्गदर्शन में जगन्नाथ मुदुली, चंदन नायक, टुटू नायक, अभय सामल, संपद साहानी, अजम्बर साहू, अजय साहू, चित्त महापात्र, विभूतिभूषण जेना, प्रकाश पुस्ती, मुसुदा हांसा, रवींद्र साहू, आईआईसी असीत बलबंतराय, देवेंद्र महांति, सत्यम दास और अजय दास सहित एक हजार से अधिक सेवक मंदिर की धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जय जगन्नाथ मंदिर के आसपास स्थित महाविनायक मंदिर, माता चंडी मंदिर, हनुमान मंदिर और देवी गालमाधव मंदिर इस पूरे क्षेत्र को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल का स्वरूप प्रदान करते हैं। चारों ओर से बरुणाबंत पहाड़ से घिरा यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के कारण श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का केंद्र ही नहीं, बल्कि सेवा, संस्कृति, सामाजिक समरसता और सनातन परंपरा के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन, पूजा और महाप्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक शांति एवं आस्था का अनुभव करते हैं।





