तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / अजेंद्र सिंह चौहान
आगरा। न्यू आगरा थाना पुलिस ने चांदी व्यापारियों से कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी चांदी का सौदा तय करने के बाद व्यापारियों को कपड़े में सिली हुई ऐसी नोटों की गड्डियां देते थे, जिनके ऊपर असली ₹500 का नोट लगाया जाता था, जबकि गड्डी के अंदर कोरे कागज और अप्रचलित पुरानी करेंसी रखी जाती थी।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन वर्मा और सचिन वर्मा के रूप में हुई है। आरोप है कि दोनों ने भगवान टॉकीज के पास एक चांदी व्यापारी को कपड़े में सिली हुई नकली नोटों की गड्डी देकर धोखाधड़ी की। गड्डी को इस तरह तैयार किया जाता था कि पहली नजर में उसमें बड़ी रकम होने का भ्रम पैदा हो। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि आरोपी पुरानी करेंसी के नोटों के ऊपर असली ₹500 के नोट लगाकर गड्डी तैयार करते थे।

चांदी का सौदा तय होने के बाद व्यापारी से माल हासिल कर उसे ऐसी गड्डी थमा दी जाती थी। बाद में जब व्यापारी गड्डी खोलता था तो उसमें कोरे कागज और चलन से बाहर हो चुकी पुरानी करेंसी मिलती थी। न्यू आगरा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹10 लाख 34 हजार 500 की अप्रचलित करेंसी बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा ₹4 हजार की प्रचलित करेंसी, एक कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में फरीदाबाद निवासी हरेन्द्र और अनस की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

आरोप है कि दोनों आरोपी पुराने नोट उपलब्ध कराने में सहयोग करते थे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इससे पहले की गई कथित धोखाधड़ी की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद चांदी व्यापारियों से धोखाधड़ी के इस तरीके को लेकर कारोबारियों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और बरामद करेंसी, मोबाइल फोन तथा वाहन समेत अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।





