तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ मोहम्मद सुमेर
आगरा। आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ता से शत-प्रतिशत दूरभाष पर संपर्क किया जाए और आवश्यकतानुसार फील्ड विजिट कर मौके पर पहुंचकर शिकायत का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के टॉप-10 गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और टॉप-10 बॉटम विभागों की अपलोड की गई आख्या की समीक्षा की। उन्होंने विगत माह की रैंकिंग, संतुष्टि प्रतिशत, शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता का प्रतिशत तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से ‘सी’ श्रेणी प्राप्त संदर्भों का विवरण भी तलब किया। बैठक में विभिन्न असंतुष्टि प्रकरणों में लगाई गई आख्या की समीक्षा के दौरान कई विभागों की रिपोर्ट में कमियां और अस्पष्टता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। विद्युत विभाग, समाज कल्याण, सहकारिता, जिला पंचायत, नगर निगम, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, जिला युवा कल्याण, माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों की आख्या को गुणवत्ताहीन पाए जाने पर अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि विभागाध्यक्ष स्वयं आख्या को पढ़कर, हस्ताक्षर करने के बाद ही पोर्टल पर अपलोड कराएं। आख्या स्पष्ट रूप से टाइप कराकर ही अपलोड की जाए और हस्तलिखित आख्या किसी भी स्थिति में अपलोड न की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस प्रकरणों की शासन स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतुष्टि प्रतिशत 80 प्रतिशत से कम और कॉलिंग प्रतिशत 100 प्रतिशत से कम किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। सभी विभागाध्यक्षों को अपने स्तर पर प्रतिदिन आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा करने, शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होने के बाद ही निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड की जाए।

शिकायतकर्ताओं के असंतुष्टि फीडबैक पर जिलाधिकारी ने कहा कि नाली, सड़क, खड़ंजा, पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं यदि उपलब्ध बजट में पूरी की जा सकती हैं तो संबंधित विभाग कार्य कराकर शिकायत का वास्तविक निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल कागजी कार्रवाई या औपचारिकता पूरी करने के बजाय शिकायतकर्ता को राहत पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में आईजीआरएस फीडबैक में सही निस्तारण नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि निर्देशों के बाद भी शिकायतों का सही और वास्तविक निस्तारण नहीं किया गया तो विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस अधिकारी या विभाग की लापरवाही के कारण जनपद की आईजीआरएस रैंकिंग प्रभावित होगी, उसकी जिम्मेदारी तय कर उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप वर्मा, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार, डीडीओ भावना यादव, पीडीडीआरडीए रेनू, बीएसए राकेश कुमार सिंह, डीआईओएस रविन्द्रपाल, डीसी मनरेगा रामायन सिंह यादव, डीपीआरओ मनीष कुमार, एआरटीओ आलोक अग्रवाल, डीडी एग्रीकल्चर मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी, आरएम रोडवेज बीपी अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और बीडीओ मौजूद रहे।





