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रिपोर्ट — फरहान खान / इस्तिकार खान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार तकनीक आधारित निगरानी और शिकायत व्यवस्था तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महिलाओं को एक ऐसे ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की तैयारी है, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकेंगी। खास बात यह होगी कि क्यूआर कोड स्कैन करते ही महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को प्रदेश स्तर पर मॉनिटर करने के लिए लखनऊ में विशेष कमांड सेंटर और स्पेशल सेल तैयार किए जाने की योजना है। इस व्यवस्था के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों पर नजर रखने का प्रयास किया जाएगा। कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल शिकायतों की निगरानी के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के बीच समन्वय स्थापित करेगा।
QR कोड स्कैन करते ही शिकायत का रास्ता
प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाना है। महिला को शिकायत के लिए अलग-अलग माध्यम तलाशने की जरूरत कम होगी। QR कोड स्कैन करने के बाद वह सीधे शिकायत दर्ज करा सकेगी। इसके साथ ही एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की तैयारी है। इस तकनीकी व्यवस्था के जरिए महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर रहेगा। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की निगरानी की जाएगी।
लखनऊ से होगी 75 जिलों की निगरानी
महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर एकीकृत करने की तैयारी है। इसके लिए लखनऊ स्थित कमांड सेंटर को प्रमुख केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां से प्रदेश के सभी 75 जिलों में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग किए जाने की योजना है। कमांड सेंटर में तैनात स्पेशल सेल शिकायतों की स्थिति पर नजर रखने के साथ ही जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों से संपर्क और समन्वय करेगा। इससे शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके निस्तारण तक की प्रक्रिया की निगरानी को एक व्यवस्थित ढांचे में लाने का प्रयास किया जाएगा।
एप से ऑनलाइन जुड़ेगीं प्रदेश की महिलाएं
प्रस्तावित व्यवस्था में एप को महिला सुरक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। इसके जरिए महिलाओं को ऑनलाइन जोड़े जाने की तैयारी है, ताकि सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या या शिकायत की जानकारी संबंधित तंत्र तक आसानी से पहुंचाई जा सके। इस पहल में तकनीक आधारित शिकायत व्यवस्था, QR कोड और प्रदेश स्तरीय मॉनिटरिंग को एक साथ जोड़ने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसे देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है।
महिला आयोग की भूमिका को भी मिलेगा नया स्वरूप
महिला सुरक्षा की इस प्रस्तावित व्यवस्था के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान महिला आयोग के आगामी कार्यों, दायित्वों और प्राथमिकताओं को लेकर मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन लिया गया। साथ ही प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। डॉ. बबिता सिंह चौहान ने आयोग की ओर से महिलाओं के हित में किए जा रहे कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। आने वाले समय में आयोग और तकनीक आधारित महिला सुरक्षा तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिए जाने की बात सामने आई है। कुल मिलाकर, प्रस्तावित व्यवस्था में QR कोड से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा, मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्टिविटी और लखनऊ से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग को एक साथ जोड़ने की तैयारी है। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल बनाना और शिकायतों की निगरानी के लिए प्रदेश स्तर पर एक समन्वित व्यवस्था तैयार करना है।





