तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
प्रयागराज। भारत भाग्य विधाता और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालयों में विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रप्रेम, नैतिकता और भारतीय संस्कारों को विकसित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान की शुरुआत की गई। जीजीआईसी में आयोजित शहर के प्रधानाचार्यों की बैठक में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने कहा कि आज के दौर में बच्चों के भीतर देशप्रेम और नैतिक मूल्यों का विकास करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों तक भी पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो सकें। भारत भाग्य विधाता के मार्गदर्शक सदस्य एवं पूर्व लोक सेवा आयोग अध्यक्ष प्रो. के.बी. पांडेय ने कहा कि पहले नैतिकता की शिक्षा परिवार के बड़े-बुजुर्गों से मिलती थी, लेकिन बदलते समय में यह परंपरा कमजोर हुई है। ऐसे में यह अभियान नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। “आजादी चाहने वालों की आजाद गाथा” कार्यक्रम के संयोजक वीरेन्द्र पाठक ने बताया कि इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को चंद्रशेखर आजाद सहित प्रयागराज के अन्य अमर शहीदों के जीवन और बलिदान की प्रेरक गाथाएं सुनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इस कार्यक्रम का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला था और इस बार भी बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करने का प्रयास किया जाएगा। सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम विद्यालयों में “संस्कृति एवं विरासत क्लब” के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को महान विभूतियों के जीवन, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित हो सके। कार्यक्रम में “चलो कुछ अच्छा करें” अभियान की विस्तृत जानकारी सुनीता मिश्रा ने दी। अंत में जीजीआईसी की प्रधानाचार्य नीलम मिश्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के प्रेरणादायक कार्यक्रमों को विद्यालयों में प्रोत्साहित करने का भरोसा दिलाया। बैठक में शहर के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे और अभियान को सफल बनाने में सहयोग का आश्वासन दिया।





