घर-घर संपर्क और नवाचार से बदली नानपुर विद्यालय की तस्वीर

City/ STATE'S EDUCATION आगरा उत्तर प्रदेश

तहकीकात TODAY 

रिपोर्ट – फरहान खान/ फैजान उद्दीन 

आगरा। विकासखंड बिचपुरी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय नानपुर में शिक्षकों के निरंतर प्रयासों से विद्यालय के शैक्षिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बच्चों को विद्यालय से जोड़ने, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और शिक्षा के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाने के लिए विद्यालय परिवार की ओर से लगातार पहल की जा रही है। विद्यालय के शिक्षक गांव में घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें बच्चों की शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही समय-समय पर जागरूकता रैलियों का आयोजन कर ग्रामीणों को शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इन प्रयासों से विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर संवाद और जुड़ाव स्थापित हुआ है। विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए 100 प्रतिशत उपस्थिति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाता है। इस पहल से बच्चों में प्रतिदिन विद्यालय आने का उत्साह बढ़ रहा है। वहीं शिक्षक-अभिभावक बैठकों के माध्यम से अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। उनके सहयोग और सहभागिता को विद्यालय स्तर पर महत्व दिया जा रहा है।

विज्ञान विषय को बच्चों के लिए अधिक रुचिकर और सरल बनाने के लिए विद्यालय में मॉडल आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। विद्यार्थी स्वयं विज्ञान मॉडल तैयार करते हैं और उनके माध्यम से विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने का प्रयास करते हैं। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि, जिज्ञासा और प्रयोगात्मक सीखने की प्रवृत्ति विकसित हो रही है। विद्यालय में मीना मंच की गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी बात रखने, विभिन्न विषयों पर चर्चा करने और सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर दिया जाता है। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करना है। इससे विद्यार्थी बिना झिझक अपनी बात सामने रखने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। विद्यालय में शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग कराया जाता है, जिससे उनमें स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़े। वहीं समाचार-पत्र पठन के माध्यम से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ-साथ आसपास और देश-दुनिया की घटनाओं के प्रति उनकी रुचि बढ़ाई जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए विद्यालय में वृक्षारोपण जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराया जा रहा है।

विद्यालय में किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य केवल बच्चों को विद्यालय तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है। घर-घर संपर्क, अभिभावकों की सहभागिता, नियमित उपस्थिति के लिए प्रोत्साहन तथा विज्ञान और सह-शैक्षिक गतिविधियों ने विद्यालय में सकारात्मक और सीखने के अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय नानपुर की पहल यह दर्शाती है कि शिक्षक, अभिभावक और समुदाय मिलकर निरंतर प्रयास करें तो बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि और विद्यालय के प्रति जुड़ाव को मजबूत किया जा सकता है। विद्यालय परिवार का प्रयास है कि हर बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, उत्साह के साथ सीखने की गतिविधियों में भाग ले और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए पर्याप्त अवसर प्राप्त करे।

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