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रिपोर्ट – फरहान खान/ अजेंद्र चौहान
आगरा। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक पिछले करीब तीन वर्षों से नहीं होने का मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजकर परिषद की बैठक जल्द बुलाने का सुझाव दिया है। केसी जैन के मुताबिक, आरटीआई के तहत 1 सितंबर 2026 को प्राप्त जवाब में स्पष्ट हुआ है कि 7 अगस्त 2023 को परिषद के पुनर्गठन प्रस्ताव के बाद अब तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद की कोई बैठक आयोजित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि परिषद की नियमित बैठक न होने से सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय प्रभावित हो सकता है।केसी जैन ने बताया कि परिषद की बैठक और कार्यकारी समिति के गठन का विषय सुप्रीम कोर्ट में लंबित रिट याचिका (सिविल) संख्या 295/2012, एस. राजशेखरन बनाम भारत संघ एवं अन्य में दायर आईए संख्या 207551/2025 में भी उठाया गया है। यह आवेदन 25 अगस्त 2025 को दाखिल किया गया था। इसमें परिषद की बैठक बुलाने और कार्यकारी समिति गठित करने के संबंध में न्यायालय से दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 215(1) के तहत गठित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद देश में सड़क सुरक्षा नीतियों के निर्धारण, समन्वय और पर्यवेक्षण के लिए शीर्ष सलाहकार निकाय है। मंत्रालय के 7 अगस्त 2023 के पुनर्गठन प्रस्ताव में परिषद की बैठक वर्ष में कम से कम एक बार आयोजित किए जाने का प्रावधान बताया गया है। साथ ही परिषद की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति गठित करने की व्यवस्था है। केसी जैन ने 3 अगस्त 2026 को दायर आरटीआई में कार्यकारी समिति के गठन, उप-समितियों, सह-विकल्पित सदस्यों की स्थिति और बैठक नहीं होने के कारणों के बारे में जानकारी मांगी थी। मंत्रालय के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ ने 1 सितंबर को दिए जवाब में बताया कि 7 अगस्त 2023 के प्रस्ताव के बाद परिषद की कोई बैठक आयोजित नहीं की गई। इसके चलते कार्यकारी समिति से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। केसी जैन ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है और लाखों लोग घायल होते हैं। ऐसे में ब्लैक स्पॉट सुधार, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रवर्तन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तथा निर्माणाधीन और चौड़ीकरण वाली सड़कों पर सुरक्षा मानकों जैसे मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने मंत्रालय के समक्ष परिषद की तत्काल बैठक बुलाने, कार्यकारी समिति एवं आवश्यक उप-समितियों के गठन, सह-विकल्पित सदस्यों की सदस्यता की समीक्षा, निर्माणाधीन सड़कों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा दिशा-निर्देश तैयार करने तथा परिषद की वार्षिक बैठक के लिए स्थायी कैलेंडर बनाने जैसे सुझाव रखे हैं। केसी जैन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की आलोचना करना नहीं, बल्कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सड़क सुरक्षा के मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है, ताकि एक सुसंगत और समन्वित कार्ययोजना तैयार हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंत्रालय उनके सुझाव को सकारात्मक रूप से लेते हुए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक जल्द आयोजित करेगा।





