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रिपोर्ट – फरहान खान/ जाहिद सलमानी
आगरा। श्री राम कथा महोत्सव के षष्ठम दिवस पर कथा व्यास पूज्य महंत पवन देव जी महाराज ने भगवान श्रीराम और केवट के दिव्य प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उन्होंने कहा कि निर्मल मन, निष्काम सेवा और सच्ची भक्ति ही भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है। भगवान श्रीराम ऐसे भक्तों को अपने हृदय में स्थान देते हैं, जिनके मन में छल, कपट और अहंकार का स्थान नहीं होता।

महंत पवन देव जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम और केवट का संवाद प्रेम, समर्पण, समानता और सेवा-भाव का अनुपम उदाहरण है। केवट ने प्रभु श्रीराम के चरण पखारकर यह संदेश दिया कि जो भक्त निस्वार्थ भाव से ईश्वर की सेवा करता है, वह स्वयं भी भवसागर से पार हो जाता है। यह प्रसंग समाज को प्रेम, विनम्रता, सेवा और मानवता का अमूल्य संदेश देता है।

कथावाचक श्री पिंटू मिश्रा जी ने अपने मधुर भजनों और श्रीराम कथा के रसपूर्ण वर्णन से पूरे पंडाल को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। उनके भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और कथा का आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक गुटयारी लाल दुबे के सुपुत्र रविकांत दुबे, ताजगंज 500 मीटर बाजार संगठन के संस्थापक चेतन अरोड़ा, अध्यक्ष कृष्ण मुरारी अग्रवाल, उपाध्यक्ष बृजमोहन अरोड़ा, सचिव शिवनाथ जादौन तथा व्यापारी अमन जादौन ने कथावाचक श्री पिंटू मिश्रा का शॉल एवं पटका पहनाकर भव्य स्वागत और सम्मान किया।

कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों, आपसी प्रेम, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था को मजबूत करते हैं। श्रीराम कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, त्याग और मानव कल्याण का प्रेरणादायी संदेश देने वाला जीवन का अमूल्य मार्गदर्शन है।





