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रिपोर्ट — फरहान खान / राजकुमार मीना
काठमांडू (नेपाल)/आगरा। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन-4.0 (नेपाल संस्करण) ने आयुष जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। काउंसिल फॉर इंटीग्रेटिव वैद्य इनोवेशन एंड कोलैबोरेशन (सिविक) भारत तथा नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व रिकॉर्ड स्थापित होने के साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धति की वैश्विक स्वीकार्यता को नई ऊंचाई मिली है। सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, स्वास्थ्य पेशेवरों और उद्यमियों ने भाग लेकर आयुष की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल रहे, जबकि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि सुमन शेखर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दुबई स्थित लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे। महासम्मेलन में भारत के 25 से अधिक राज्यों के साथ नेपाल, मलेशिया, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश और सिंगापुर से आए कुल 254 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें आयुष चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, वेलनेस विशेषज्ञ, उद्योगपति और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिष्ठित लोग शामिल थे। सम्मेलन का सबसे प्रमुख आकर्षण “एक नैदानिक परीक्षण सत्र में सर्वाधिक आयुष चिकित्सकों की सहभागिता” विषय पर आयोजित विश्व रिकॉर्ड प्रयास रहा। यह प्रयास सफलतापूर्वक पूरा हुआ और इसके साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धति की सामूहिक नैदानिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली। यह उपलब्धि केवल आयोजक संस्था सिविक के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण वैश्विक आयुष समुदाय के लिए गर्व का विषय बन गई है। सम्मेलन में आयुष चिकित्सा, नैदानिक अभ्यास, चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं नवाचार, डिजिटल हेल्थ, वैश्विक सहयोग, उद्यमिता और स्वास्थ्य क्षेत्र की नई संभावनाओं पर विस्तृत वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने अपने शोध, अनुभव और विचार साझा करते हुए आयुष को भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। 14 जून को आयोजित भव्य सम्मान समारोह में आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आयुष लीजेंड सम्मान, आयुष उत्कृष्टता सम्मान तथा आयुष उदीयमान सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं आयुष उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निर्माताओं, उद्यमियों और व्यवसायिक नेतृत्वकर्ताओं को आयुष उद्यम सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी तथा लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दुबई के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी ने सम्मान-पत्र और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर डॉ. एम. एम. कुरैशी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन का उद्देश्य विश्वभर के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग जगत और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े नेतृत्वकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करना है, जिससे ज्ञान, शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि नेपाल संस्करण की सफलता और विश्व रिकॉर्ड उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि आयुष आज विश्व स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनी प्रभावशाली भूमिका स्थापित कर रहा है। नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल ने भारत और नेपाल के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोलेगा। अंतर्राष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन-4.0 (नेपाल संस्करण) ने भारत और नेपाल के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, शोध, नवाचार एवं वैश्विक साझेदारी को नई दिशा प्रदान की है। सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि आयुष केवल भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा ही नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था का एक सशक्त, विश्वसनीय और प्रभावी आधार भी है।





