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रिपोर्ट – फरहान खान/ अजेंद्र चौहान
आगरा। आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-1 के नवनिर्मित मनकामेश्वर–ISBT सेक्शन का दो दिवसीय मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) निरीक्षण गुरुवार को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। CMRS नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने स्टेशन, ट्रैक, सिग्नलिंग, विद्युत, टेलीकॉम और ट्रेन संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेट्रो ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम निर्धारित गति से दौड़ाकर हाई-स्पीड रन, स्पीड एवं ब्रेकिंग टेस्ट भी सफलतापूर्वक किए गए।इसके साथ ही आगरा मेट्रो के ताज ईस्ट गेट से ISBT तक पूरे कॉरिडोर की फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग भी पूरी हो गई। इसके बाद मेट्रो सेवाएं शुक्रवार से पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी। दो दिवसीय निरीक्षण के पहले दिन CMRS और उनकी टीम ने मोटर ट्रॉली के माध्यम से मनकामेश्वर से आरबीएस रैंप तक मेट्रो ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस कॉलेज और ISBT सहित सभी स्टेशनों का जायजा लिया गया।

प्रत्येक स्टेशन पर यात्री सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। तकनीकी कक्षों, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम और प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न यात्री सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दूसरे दिन CMRS ने मनकामेश्वर स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के जरिए निरीक्षण प्रक्रिया शुरू की। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच करते हुए टीम नवनिर्मित सेक्शन के अंतिम स्टेशन ISBT तक पहुंची। इस दौरान UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक अवसंरचना सीपी सिंह, निदेशक रोलिंग स्टॉक नवीन कुमार और परियोजना निदेशक अरविंद राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।आगरा मेट्रो के वर्तमान में संचालित ताज ईस्ट गेट–मनकामेश्वर सेक्शन और नवनिर्मित मनकामेश्वर–ISBT सेक्शन को एकीकृत करते हुए पूरे कॉरिडोर की फाइनल टेस्टिंग की गई। इस दौरान सिग्नलिंग, टेलीकॉम, विद्युत आपूर्ति, ट्रैक और ट्रेन संचालन से जुड़ी सभी प्रमुख प्रणालियों का समन्वित परीक्षण किया गया। परीक्षण के सफल रहने के बाद पूरे कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन की तकनीकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। निरीक्षण के दौरान अत्याधुनिक CBTC सिग्नलिंग सिस्टम और ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) मोड की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई। सुरक्षा प्रणाली का परीक्षण करने के लिए दो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर टक्कर जैसी स्थिति बनाई गई।

निर्धारित सुरक्षा दूरी पर पहुंचते ही ट्रेन ऑपरेटर के किसी हस्तक्षेप के बिना मेट्रो ट्रेन में स्वचालित रूप से ब्रेक लग गए। इस परीक्षण के जरिए स्वचालित सुरक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। इसके अलावा मेट्रो ट्रेन को 80 किमी प्रति घंटा की अधिकतम निर्धारित गति से दौड़ाकर हाई-स्पीड रन किया गया। अधिकतम गति पर ट्रेन के संचालन के साथ स्पीड और ब्रेकिंग टेस्ट के जरिए ब्रेकिंग सिस्टम की कार्यक्षमता का भी मूल्यांकन किया गया।

UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि CMRS निरीक्षण के दौरान हाई-स्पीड टेस्ट, स्पीड एवं ब्रेकिंग टेस्ट सहित विभिन्न तकनीकी परीक्षण सुरक्षा मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक और सावधानीपूर्वक किए जाते हैं। इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नव-निर्मित सेक्शन की तकनीकी क्षमता का व्यापक मूल्यांकन करना है। उन्होंने कहा कि आगरा मेट्रो ने निर्माण के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मेट्रो कॉरिडोर शहर के व्यस्त क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिससे आने वाले समय में आगरा में लोगों को सुरक्षित, तेज, सुगम और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। CMRS निरीक्षण और फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग पूरी होने के बाद अब आगरा मेट्रो के मनकामेश्वर से ISBT तक नवनिर्मित सेक्शन के संचालन की राह और आसान हो गई है।





