तहकीकात TODAY
रिपोर्ट – राजकुमार मीना
आगरा। आगरा में कथित अवैध डंपर और ओवरलोड परिवहन सिंडिकेट को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार वीडियो और शिकायतें सामने लाई जा रही हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि एक बड़े अवैध परिवहन नेटवर्क का संचालन सत्ताधारी दल के एक जिला पदाधिकारी के रिश्तेदार द्वारा किया जा रहा है।
आरोप है कि जब भी ईमानदार पुलिसकर्मी अवैध डंपरों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, तो उनके खिलाफ फर्जी शिकायतें कर दबाव बनाया जाता है और कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। बताया जा रहा है कि थाना सैया पुलिस, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत अवैध परिवहन पर कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद सवाल उठ रहा है कि थाना शमशाबाद क्षेत्र से डस्ट, चंबल और गिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर आखिर किसके संरक्षण में लगातार निकल रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक ही रॉयल्टी पर कई बार वाहन निकालने जैसे मामलों में पहले कार्रवाई हो चुकी है, तो दूसरे क्षेत्रों में कथित तौर पर वही खेल कैसे जारी है। इससे कार्रवाई की निष्पक्षता और समान अनुपालन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब निगाहें आगरा प्रशासन, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और उत्तर प्रदेश सरकार पर हैं कि वे वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारी केवल वाहन चालकों की ही नहीं, बल्कि कथित संरक्षण देने वाले पूरे नेटवर्क की भी तय होनी चाहिए। यह मामला केवल अवैध डंपरों का नहीं, बल्कि कानून के समान अनुपालन, प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी राजस्व की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है





