तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान
आगरा। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चल रही सख्त नीति का एक और उदाहरण आगरा में देखने को मिला, जहां चलती बस में युवती और महिला के साथ छेड़खानी की घटना पर पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही समय में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 27 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर सूचना मिली कि कानपुर से अहमदाबाद जा रही बस संख्या MP07ZT2099 में चार युवक एक युवती और महिला के साथ अभद्रता कर रहे हैं। पोस्ट में यह भी बताया गया कि बस आगरा के नामनेर चौराहे की ओर बढ़ रही है। सूचना मिलते ही कमिश्नरेट आगरा की मीडिया सेल सक्रिय हो गई और तुरंत थाना रकाबगंज पुलिस को अलर्ट किया गया। पुलिस ने बिना समय गंवाए त्वरित रणनीति बनाते हुए बस को रकाबगंज क्षेत्र में रुकवाया। मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम ने पीड़ितों से बातचीत की और स्थिति का आकलन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई से बस में सवार यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा और उन्होंने आगरा पुलिस की जमकर सराहना की। खासकर महिला यात्रियों ने राहत महसूस की और पुलिस की संवेदनशीलता व तत्परता की प्रशंसा की। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आ रहा है। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यूपी पुलिस लगातार सतर्क और सक्रिय भूमिका निभा रही है। छोटी से छोटी सूचना पर भी त्वरित एक्शन लेकर अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में आगरा पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि आम जनता के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करती है।





