बरसात नहीं, भीड़ न जुट पाना थी वजह? तीन दिन की तैयारियों और खर्च का हिसाब मांगा
तहकीकात TODAY
रिपोर्ट — फरहान खान / देवेंद्र राजपूत
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगरा में प्रस्तावित कार्यक्रम निरस्त होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अनुज शिवहरे ने कार्यक्रम निरस्त होने के कारणों पर सवाल उठाते हुए भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन की तैयारियों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम निरस्त होने के पीछे केवल बरसात ही वजह नहीं थी, बल्कि अपेक्षित संख्या में लोगों के नहीं पहुंचने का पहलू भी हो सकता है। अनुज शिवहरे ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पिछले तीन दिनों से तैयारियां चल रही थीं। कार्यक्रम स्थल पर मंच तैयार किया गया था, व्यवस्थाएं की जा रही थीं और पुलिस बल भी तैनात था। ऐसे में कार्यक्रम अचानक निरस्त होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कार्यक्रम निरस्त करने के वास्तविक कारणों और तैयारियों पर हुए खर्च को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।
भीड़ नहीं जुटने को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता अनुज शिवहरे ने आरोप लगाया कि आगरा के दो सांसदों, दो राज्यसभा सांसदों, नौ विधायकों और भाजपा के स्थानीय संगठन के नेताओं के बावजूद कार्यक्रम में अपेक्षित जनसमूह नहीं जुट सका। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली और आगरा के जनप्रतिनिधियों के प्रति कथित नाराजगी के चलते भी लोग कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। अनुज शिवहरे के मुताबिक, कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मौसम खराब होने के कारण कार्यक्रम निरस्त किया गया, तो इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं दी गई? जब सुबह तक तैयारियां जारी थीं और कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाएं की जा रही थीं, तो निरस्तीकरण का फैसला किस आधार पर लिया गया?
तीन दिन की तैयारियों और खर्च की जवाबदेही कौन लेगा?
अनुज शिवहरे ने कार्यक्रम की तैयारियों पर हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंच निर्माण, व्यवस्थाओं और पुलिस बल की तैनाती सहित विभिन्न तैयारियों में सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल हुआ होगा। ऐसे में कार्यक्रम निरस्त होने के बाद इन व्यवस्थाओं पर हुए खर्च की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगरा की जनता को यह जानने का अधिकार है कि कार्यक्रम निरस्त करने का निर्णय कब और किन परिस्थितियों में लिया गया। यदि मौसम की स्थिति पहले से प्रतिकूल थी, तो उसके आकलन के आधार पर समय रहते निर्णय क्यों नहीं किया गया? वहीं, यदि अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाना भी कोई कारण था, तो इस संबंध में भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांगा जवाब
कांग्रेस नेता ने भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन से कार्यक्रम निरस्त होने के कारणों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता के बीच होने वाले बड़े कार्यक्रमों की तैयारियों में समय और संसाधन खर्च होते हैं। इसलिए ऐसी परिस्थितियों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। अनुज शिवहरे ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता के सवालों का जवाब दें। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम किन परिस्थितियों में निरस्त हुआ, इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि किसी तरह की अटकलों की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि आगरा की जनता को केवल मौसम का हवाला देने के बजाय पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। कार्यक्रम की तैयारियों, खर्च और निरस्तीकरण के निर्णय से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अनुज शिवहरे, सदस्य, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि कार्यक्रम निरस्त होने के वास्तविक कारणों और तैयारियों पर हुए खर्च को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।





